
हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश टीजीटी कला अध्यापक संघ की बैठक बाल स्कूल हमीरपुर में हुई। बैठक के बाद पत्रकार वार्ता में प्रदेशाध्यक्ष राकेश कानूनगो ने कहा कि शिक्षा विभाग में करीब 40 शिक्षक, गैर शिक्षक, नियमित और गैर नियमित कर्मचारी संगठन कार्यरत हैं। सर्वाधिक कर्मचारियों की संख्या शिक्षा विभाग में है। बहुसंख्यक कॉडर को देखते हुए शिक्षा विभाग की अलग जेसीसी होनी चाहिए। प्रशिक्षित स्नातक अध्यापक 30 वर्ष सेवाकाल के बाद भी प्रथम नियुक्ति पद पर सेवानिवृत्त हो रहे हैं। कॉडर के अध्यापकों को 15 वर्ष का सेवाकाल पूरा करने पर दो अग्रिम वेतन वृद्धियां प्रदान की जानी चाहिए। वेतन विसंगति को दूर किया जाना चाहिए। भर्ती एवं पदोन्नति नियम 1972-73-75, 92, 98, 2013 के अधीन शत प्रतिशत मुख्याध्यापकों की पदोन्नति टीजीटी शिक्षकों से ही की जाए। केवी, नवोदय विद्यालयों की तर्ज पर प्रवक्ता, पीजीटी, भर्ती एवं पदोन्नतियां सुनिश्चित की जाएं। टीजीटी से प्रवक्ता पदोन्नति को 45 फीसदी अंक अनिवार्यता शर्त में छूट हो। टीजीटी संघ ने 4-9-14 मामलों की एकमुश्त अदायगी मांगी। शिक्षा विभाग ने 17 जून 2004 को निर्देश जारी किए थे कि कोई शिक्षक तय समय में अगले स्थान पर ज्वाइन नहीं कर पाता है तो उसे बाद में ज्वाइन करने की अवधि तक न तो कोई वेतन दिया जाएगा और न ही अवकाश स्वीकृत किया जाएगा। आशुतोष भारद्वाज बनाम सरकार मामले में हाईकोर्ट के आदेश सभी शिक्षकों पर लागू किए जाएं। मांग की कि पंजाब सरकार की तर्ज पर मिडिल स्कूलों में कार्यरत मुख्याध्यापकों को 400 रुपये शासकीय विशेष भत्ता जारी किया जाए। छठी से दसवीं कक्षाओं के अंग्रेजी एवं सामाजिक विज्ञान विषय के सिलेबस को छात्रहित में कम किया जाए। एडहाक , टेन्योर, अनुबंध, स्वयंसेवी एवं पैरा शिक्षकों को प्रथम नियुक्ति तिथि से वरिष्ठता लाभ दिए जाएं। महासचिव देशराज शर्मा, उपाध्यक्ष मदन लाल, संजय ठाकुर, अंजुम जसरोटिया, रमा अत्री, हंसराज, रविंद्र ठाकुर, कुलभूषण पालसरा, विनोद शर्मा, पवन ठाकुर, शशि शर्मा, हेमराज, सुभाष ठाकुर, सुरेश, संजीव, सुमित नेगी, उषा देवी, इंद्रा रानी, दिग्विजय मल्होत्रा, वेद प्रकाश, प्रवीन, अजीत सिंह, कुलदीप शर्मा, राजकुमार और सुरेश कपिल आदि मौजूद रहे।
