शिक्षण संस्थानों तक पहुंचा डेंगू का डंक

नई दिल्ली में डेंगू का कहर शिक्षण संस्थानों तक पहुंच गया है। बवाना स्थित दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कैंपस परिसर में एक ही परिवार के दो सदस्यों में डेंगू की पुष्टि हुई है।

जबकि पांच संभावित की रिपोर्ट आनी बाकी है। वहीं, डेंगू के प्रकोप से बचने के लिए आईपीयू, जेएनयू व जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने दिशा-निर्देश जारी करके अभियान शुरू कर दिया है।

डीटीयू कैंपस में रहने वाले एक सीनियर फैकल्टी और उनके बच्चे को डेंगू हुआ था जिन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई है।

डीटीयू हॉस्टल इंचार्ज डॉ. पुष्पेंद्र सिंह के अनुसार, फैकल्टी मेंबर व उनका बच्चा अब ठीक है। पांच छात्रों के बारे में उन्हें जानकारी नहीं है।

एमसीडी को पत्र लिखकर बड़ी मशीन से फॉगिंग करने को कहा गया है। कैंपस में डेंगू से बचने के उपायों पर काम शुरू कर दिया गया है।

उधर, कुलपति प्रो. डीके बंदोपाध्याय ने बताया कि एमसीडी को कैंपस में फॉगिंग करने के लिए पत्र लिखा गया था, लेकिन फॉगिंग न होने पर विश्वविद्यालय प्रबंधन ने दिशा-निर्देश बनाकर शुक्रवार को सर्कुलर जारी किया है, ताकि कैंपस को डेंगू मुक्त रखा जा सके।

कैंपस के स्वीमिंग पूल को खाली कर दिया गया है। इसके अलावा छात्रों से खुले मैदान में कम से कम बैठने व टंकी, गमलों, क्लासरूम की नियमित सफाई करने को कहा गया है।

जामिया में तीन को डेंगू
जामिया मिल्लिया इस्लामिया में भी तीन छात्रों में डेंगू में की पुष्टि हुई है।

हालांकि, प्रबंधन ने इससे इंकार किया है। जामिया के एनएसएस अधिकारी डा. अवीद के अनुसार, सेनिटेशन विभाग स्वयं फॉगिंग कर रहा है।
इसके अलावा कैंपस समेत जामिया नगर में लोगों को जागरूक करने के लिए नुक्कड़ नाटक व स्लोगन पेंटिंग अभियान चलाया गया है।

जेएनयू व आईपीयू कैंपस में भी चिंता
जेएनयू प्रबंधन ने एमसीडी से फॉगिंग करने की मांग की है। इसके अलावा प्रबंधन ने टीम बनाकर कैंपस स्थित क्वार्टर व हॉस्टल एरिया में जांच अभियान शुरू कर दिया है।

वहीं, द्वारका स्थित आईपीयू कैंपस में प्रबंधन ने डेंगू से बचने के लिए निर्देश जारी किए हैं।

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