
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने सरकारी स्कूल के शिक्षकों को चुनावी तोहफा देने का फैसला किया है। सरकारी स्कूलों में पढ़ा रहे शिक्षक रिटायर के बाद पांच साल और नौकरी कर सकेंगे।
दिल्ली में सालाना करीब 1200-1300 शिक्षक रिटायर होते हैं। रिटायरमेंट के बाद इन्हें उसी स्कूल व पद पर काम करने का मौका मिलेगा। शिक्षक दिवस पर पांच सितंबर को मुख्यमंत्री शीला दीक्षित फैसले की आधिकारिक घोषणा करेंगी। दिल्ली सरकार के स्कूलों में स्वीकृत पदों के मुकाबले 345 प्रधानाचार्य व उपप्रधानाचार्य के पद खाली हैं। इतना ही नहीं, पीजीटी, टीजीटी, सहायक अध्यापक, वर्क एक्सपीरियंस अध्यापक, लैब असिस्टेंट, टीजीटी साइंस, टीजीटी होम साइंस और स्पेशल एजुकेशन टीचर के 6472 पद खाली हैं। शिक्षा का अधिकार कानून में साफ कहा गया है कि स्कूलों में खाली पद भरे जाएं। अभी तक खाली पदों पर गेस्ट टीचर रखे जाते हैं, मगर कहीं और चयन होने पर ये गेस्ट टीचर छोड़कर चले जाते हैं। लिहाजा स्थायी शिक्षक नियुक्त होने तक सरकार ने पुराने शिक्षकों की सेवा लेने का फैसला किया है।
