
हरियाणा सरकार ने थल सेना, नेवी और वायुसेना में सशस्त्र बलों के वे कर्मी जो आतंकियों के विरुद्ध लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त होते हैं या घायल होते हैं, उनके परिवार के सदस्यों को मिलने वाली अनुदान राशि में इजाफा किया है। बढ़ी हुई राशि प्राकृतिक आपदाओं में राहत कार्यों में मारे जाने वाले कर्मियों के परिजनों को भी मिलेगी(
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि सरकार ने सशस्त्र बलों के कर्मियों को दी जाने वाली अनुदान राशि की अदायगी सबंधी नीति में संशोधन किया है। इसके अनुसार, आतंकियों के विरुद्ध लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त होने वाले सैनिकों के परिजन को अब ढाई लाख रुपये की बजाय 20 लाख रुपये मिलेंगे। इसी प्रकार बम ब्लास्ट में वीरगति को प्राप्त होने वाले के परिजनों को 2 लाख की बजाय 20 लाख रुपये मिलेंगे।
बीस लाख अनुदान राशि
प्रतिरक्षा अधिकारियों द्वारा युद्ध जैसी स्थिति में मृत घोषित करने पर और संयुक्त राष्ट्र की शांति सेनाओं में नियुक्त सैनिकों के वायु दुर्घटना, वाहन दुर्घटना, समुद्र में दुर्घटना और प्राकृतिक रूप (दिल का दौरा पड़ने) से मृत्यु होने पर पहले कोई अनुदान नहीं दिया जाता था, लेकिन अब उन्हें 20 लाख रुपये की अनुग्रह अनुदान राशि मिलेगी।
प्रतिरक्षा सेनाओं (थल सेना, वायुसेना और नेवी) में आतंकियों के विरुद्ध लड़ते हुए 19 फरवरी को या इसके बाद मृत्यु, विकलांगता व दुर्घटना होने और ज्वाइनिंग के समय हरियाणा के अधिवासी हैं और अब भी हरियाणा के अधिवासी हैं, उन पर यह बढ़ी हुई अनुग्रह अनुदान राशि लागू होगी और उनके परिवार के सदस्यों को यह बढ़ी हुई अनुदान राशि मिलेगी। उन्होंने बताया कि पिछले मामलों को नहीं खोला जाएगा और अनुग्रह अनुदान राशि मृत्यु के तीन वर्षों के भीतर क्लेम की जा सकती है
