शराब की दुकानों पर आयोग की ‘तीसरी आंख’

चुनाव के दौरान मतदाताओं को लुभाने के लिए टोकन, पर्ची के जरिए दुकानों से सीधे शराब उपलब्ध कराने पर नकेल कसने के लिए चुनाव आयोग ने कमर कस ली है।

चुनाव आयोग एक्साइज विभाग की मदद से ऐसी दुकानों पर लगाए गए सीसीटीवी फुटेज की मदद लेगा। इसमें लोकल इंटेलीजेंस को सक्रिय कर दिया गया है।

चुनाव अधिकारियों के मुताबिक एक्साइज विभाग की कुल 11 टीमें इस पर नजर रखने के लिए बनाई गई हैं।

दिल्ली में निजी व सरकारी मिलाकर कुल 705 दुकानें चल रही हैं। सभी दुकानों पर सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ है।

आयोग की ओर से बनाई गई एक्साइज विभाग की 11 टीम इन सीसीटीवी फुटेज के जरिए नजर रखेगी किसने कैसे दुकान से शराब प्राप्त किया है।

यह टीम रोजाना फील्ड में दुकानों पर अचानक पहुंचकर जांच करेगी।

सभी 11 टीमें दिल्ली की अलग-अलग दुकानों पर रोजाना कम से कम 500 मिनट का सीसीटीवी फुटेज देखेंगी। दुकानदारों से भी कहा जाएगा कि फुटेज बचाकर रखें।

दिल्ली मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय देव ने बताया कि चुनाव के दौरान मतदाताओं को लुभाने के लिए पर्ची, जिस पर कोडवर्ड होता है उसके जरिए लोगों को शराब उपलब्ध कराई जाती है।

यह मॉडस आपरेंडी चुनावों में अपनाएं जाने की सूचना है। इसे लेकर एक्साइज विभाग के साथ बैठक हुई है।

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