
बिलासपुर। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह आखिर विस्थापितों का ‘मर्ज’ समझ गए। पुनर्वास से छूटे विस्थापितों की हालत पर उनका दिल पसीज गया। अपने पिछले कार्यकाल के दौरान विस्थापितों के दो सेक्टर बसाने को उन्होंने भूमि पूजन कर जो श्रीगणेश किया था, उसे फिर दोहराया। 22 मार्च के अंक में ‘अमर उजाला’ ने ‘विस्थापितों का मर्ज दूर करेंगे सीएम?’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर इस समस्या को प्रमुखता से उठाया था। हालांकि, सीएम ने अवैध कब्जों को नियमित करने के सवाल पर खास टिप्पणी नहीं की। लेकिन, इतना जरूर कहा कि जिन्हें कुछ नहीं मिला है उन्हें प्लाट देना सरकार की प्राथमिकता है। शनिवार को बिलासपुर दौरे पर आए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने विस्थापितों के लिए पहले से चिन्हित जगह पर प्लाट आवंटित करने की बात कही। सैकड़ों विस्थापितों को अभी तक प्लाट नहीं मिले हैं, जिस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। कइयों ने प्लाटों के लिए आवेदन कर रखा है। विधानसभा चुनाव के दौरान भी यह मुद्दा सुर्खियों में रहा। वीरभद्र सिंह ने कहा ‘‘हमने पिछले कार्यकाल में विस्थापितों का प्लाट देने की प्रक्रिया आरंभ की थी। इसके लिए बाकायदा भूमि हस्तांतरण को भी पूरा किया गया। लेकिन, बडे़ दुख की बात है कि पिछले पांच साल इसके लिए कुछ नहीं हुआ। अब हमने प्रशासन को आदेश दिए हैं कि वरिष्ठता के आधार पर प्लाट आवंटन की प्रक्रिया शुरू की जाए’’। हालांकि, अवैध कब्जों को नियमित करने के सवाल पर उन्होंने टिप्पणी से इंकार किया। उन्होंने कहा कि एक प्लाट की जगह ज्यादा जगह पर कब्जा करना उचित नहीं है। प्राथमिकता तो यह है कि जिन्हें कुछ नहीं मिला है उन्हें प्लाट मिले।
