
भल्याणी (कुल्लू)। सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग की प्रस्तावित विधायक प्राथमिकता के तहत योजनाएं अधर में लटक गई हैं। जिला में विभाग के पास सर्वेयरों के पद रिक्त चल रहे हैं। विभाग के पास महज आठ सर्वेयर हैं। काम अधिक होने से योजनाआें की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट नहीं बन पा रही।
डीपीआर को मार्च माह से पूर्व सरकार के पास प्रस्तुत करना है। प्रत्येक माननीय को हर साल चार पेयजल तथा सिंचाई योजनाएं क्षेत्र के लिए मिलती हैं। चार विधानसभा क्षेत्रों वाले इस जिले में वर्तमान में 16 योजनाएं प्रस्तावित हैं। यह योजनाएं स्टाफ की भारी कमी के चलते विभाग के लिए गले की फांस बनकर रह गई हैं। महकमे को इन्हें धरातल पर उतारना मुश्किल हो गया है।
आनी डिविजन में चार योजनाओं पर दो सर्वेयर डिविजन एक में दो सर्वेयर तथा डिविजन दो में पांच सर्वेयर वर्तमान में तैनात हैं। इनके लिए इन योजनाओं को फाइलों में उतारना मुश्किल हो चुका है। आईपीएच विभाग के आनी में तैनात अधिशासी अभियंता एसपी लोहिया ने इसकी पुष्टि की है। वहीं सिंचाई योजनाओं की डीपीआर बनाने का कार्य धीमी गति से होने से लोगों में आक्रोश है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक विभाग अब कर्मचारियों को हायर करने पर विचार कर रहा है। विभाग किसी नामी कंपनी को भी डीपीआर बनाने का जिम्मा सौंपा सकता है। वहीं माननीयों ने विभाग पर जल्द डीपीआर बनाने का दबाव बना रखा है।
आउट सोर्सिंग पर कर रहें विचार
डीपीआर तैयार कर सरकार को मार्च माह से पूर्व प्रेषित करना है। कर्मचारी रात-दिन एककर डीपीआर बनाने में जुटे हैं। इसके अलावा विभाग डीपीआर बनाने के लिए आउट सोर्सिंग पर विचार कर रहा है।
बीएल गुप्ता अधिशासी अभियंता आईपीएच
