
नई दिल्ली

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार
भारतीय विदेश मंत्रालय ने आज यूएनएचआरसी में पाकिस्तान के पक्ष को बेबुनियाद और झूठ करार देते हुए कहा कि पाक को यह समझना चाहिए कि झूठ को बार-बार बोलने से वह सच में नहीं बदल जाता। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने इसके साथ ही कुलभूषण जाधव, करतारपुर कॉरिडोर और जम्मू-कश्मीर पर भी बात की।
रवीश कुमार ने कहा कि यूएनएचआरसी में हमारे प्रतिनिधिमंडल ने हमारे पक्ष को मजबूती से आगे रखा है। हमने पाकिस्तान के झूठे और बेबुनियाद बयानों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। पूरी दुनिया इस बात को जानती है कि अपने देश में आतंकियों की सहायता करने में पाकिस्तान कैसी भूमिका निभा रहा है।
रवीश कुमार ने कहा कि यूएनएचआरसी में हमारे प्रतिनिधिमंडल ने हमारे पक्ष को मजबूती से आगे रखा है। हमने पाकिस्तान के झूठे और बेबुनियाद बयानों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। पूरी दुनिया इस बात को जानती है कि अपने देश में आतंकियों की सहायता करने में पाकिस्तान कैसी भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने कहा आतंकवाद के केंद्र पाकिस्तान का वैश्विक समुदाय की ओर से मानवाधिकारों पर बात करने का ढोंग करना उसका दुस्साहस है। उन्हें यह समझना होगा कि झूठ को बार-बार दोहराने से वह सच नहीं हो जाता है, यह सत्र के दौरान ही पता चल गया था।
‘हमारी कोशिश आईसीजे के निर्णय का पूरा पालन करने की’
रवीश कुमार ने कुलभूषण जाधव को दूसरी बार राजनयिक पहुंच न देने के पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के बयान पर कहा, ‘हम इस बात का प्रयास करते रहेंगे कि अंतरराष्ट्रीय अदालत के फैसले का पूरी तरह से पालन हो। हम राजनयिक चैनलों के माध्यम से पाकिस्तानी पक्ष के संपर्क में बने रहना चाहेंगे।’
करतारपुर कॉरिडोर पर यात्रियों की संख्या पर पाक असहमत
करतारपुर कॉरिडोर के मुद्दे पर रवीश कुमार ने कहा, ‘हमारी ओर से यात्रा के लिए जाने वाले यात्रियों की प्रस्तावित संख्या पर भी पाकिस्तान ने बुनियादी ढांचे को लेकर समस्याओं का हवाला देते हुए असहमति जताई। हमने पाकिस्तान से आग्रह किया है कि वह इस मामले में कुछ नरमी दिखाए।’
’92 फीसदी जम्मू-कश्मीर में किसी तरह का प्रतिबंध नहीं’
जम्मू-कश्मीर के वर्तमान हालात पर रवीश कुमार ने कहा कि राज्य में दवाओं की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा, ‘स्वास्थ्य क्षेत्र के 95 फीसदी पेशेवर लोग ड्यूटी पर हैं। बैंक सेवाएं भी सामान्य तरीके से काम कर रही हैं। जम्मू-कश्मीर के 92 फीसदी हिस्से में किसी तरह का कोई प्रतिबंध नहीं है।’
