
रामपुर बुशहर(संदीप वर्मा)कहने को तो वार्ड नंबर चार रामपुर का सबसे हाई प्रोफाइल वार्ड है। नगर परिषद को सब अधिक अध्यक्ष भी इसी वार्ड ने दिए। बाहरी नजर में तो मुख्य बाजार एक सुंदर नजारा पेश करता है, लेकिन जैसे ही वार्ड की अंदर की गलियों को देखें तो हालत कुछ और ही ब्यां करती है। कहीं व्यापारी अतिक्रमण कर रहे हैं तो कहीं धड़ल्ले से सरकारी जमीन पर कब्जा हो रहा है, लेकिन वोट बैंक की चाह में नगर परिषद कोई कार्रवाई नहीं कर पा रही है। कहने को तो सबसे अधिक मंदिर भी इसी वार्ड में हैं, लेकिन मंदिरों के चारों ओर जहां गंदगी फैली हुई है, वहीं सीवरेज सहित शहर से निकलने वाली गंदगी इन मंदिरों के आसपास फेंकी जा रही है। हालत ऐसी है कि यहां स्थित सत्यनारायण मंदिर व मस्जिद भी कभी धंस सकते हैं क्योंकि मंदिर के साथ लगातार भू-स्खलन हो रहा है। वहीं वाल्मीकि कॉलोनी में आठ दस परिवार रहते हैं, लेकिन यहां न तो दीवारों पर रंग है। वहीं छत से पानी टपकता है। कहने को तो हर साल बजट बनता है, लेकिन होता कुछ नहीं।
उल्लेखनीय है कि चार नंबर वार्ड सबसे हाई प्रोफाइल है क्योंकि इसी वार्ड में बड़े-बड़े शोरूम हैं। राजनीति में पकड़ रखने वाले कई धुरंधर इसी वार्ड से संबंध रखते हैं, लेकिन इसके बाद भी इस वार्ड की हालत सबसे दयनीय है। ऐसा नहीं है कि यह नगर परिषद से छुपा हुआ है, लेकिन यहां चाह कर भी कोई कुछ नहीं हो पा रहा है क्योंकि जहां इस वार्ड की पार्षद कांग्रेस से संबंध रखती हैं, वहीं नप अध्यक्ष भी इसी वार्ड से हैं। हनुमानघाट, पीएनबी वाली गली और मस्जिद के पास स्कूल और कॉलेज में पढ़ने वाले नशेड़ियों का हर समय यहां तांता लगा रहता है।
नप के पूर्व अध्यक्ष पवन आनंद कहते हैं कि नप के पदाधिकारियों की सरकारी कर्मचारियों पर पकड़ कमजोर है, जिसके कारण सफाई सहित अन्य सुविधा बेहाल है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल में पूरे शहर के रास्तों और गलियों को कोटा स्टोन लगाया था।
पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष राजेंद्र कश्मीरी कहते हैं कि जन प्रतिनिधि जन कल्याण के लिए कुछ नहीं कर पा रहे हैं। शहर में लगातार अतिक्रमण हो रहा है। लोग सरकारी जमीन पर कब्जा कर रहे हैं। शहर में आवारा पशुओं का तांता लगा है, लेकिन इसके बाद भी नगर परिषद कुछ नहीं कर पा रही है, जबकि सीवरेज बिना ट्रीटमेंट के नदी में डाला जा रहा है। वहीं अन्य लोगों पीएल गुप्ता, योगराज और निहाल चंद नेगी का कहना है कि वार्ड में मूलभूत सुविधाओं की कमी है।
क्या कहते हैं पार्षद
वार्ड की पार्षद कांता गुप्ता का कहना है कि समस्याओं को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। वाल्मीकि कॉलोनी को ठीक करवाया जा रहा है। कनिष्ठ अभियंता को इस बारे में बताया जा चुका है। उन्होंने बताया कि मंदिर और मस्जिद के लिए सुरक्षा दीवार की जरूरत है।
