
नई दिल्ली। डेंगू, मलेरिया या अन्य वायरल का पता लगाने के लिए अब अलग-अलग जांच कराने की जरूरत नहीं होगी। नए सॉफ्टवेयर के माध्यम से मशीन बता देगी कि मरीज किस वायरस से पीड़ित है। सर गंगा राम अस्पताल के चिकित्सकों ने अलग-अलग वायरल से पीड़ित 324 मरीजों पर शोध किया है, जिसमें पाया गया कि ‘एलएच750 हेमोटोलॉजी एनालाइजर’ 90 फीसदी मामलों में सही जांच कर रहा है।
रूस के सेंट पिट्सवर्ग की एक कंपनी ने वायरल जांचने के लिए एलएच750 हेमोटोलॉजी एनालाइजर नामक सॉफ्टवेयर विकसित किया है। एनालाइजर में मरीज के ब्लड का ल्यूकोसाइट और वीसीएस काउंट डाला जाएगा, जिसके बाद मशीन में लगा सॉफ्टवेयर बताएगा कि मरीज किस वायरस से पीड़ित है। आधा घंटे के भीतर बीमारी का पता लग जाता है और इलाज शुरू किया जा सकता है। सर गंगा राम अस्पताल के हेमोटोलॉजी डिपार्टमेंट की चेयरपर्सन डॉ. मनोरमा भार्गव व उनकी टीम में शामिल अन्य चिकित्सकों ने मशीन की जांच के लिए अप्रैल-2010 से मार्च-2011 के बीच कुल 324 मरीजों पर शोध किया।
