
कुल्लू। पार्वती परियोजना चरण-3 के निर्माण कार्य से परियोजना स्थल के साथ लगते सैंज घाटी के लौल गांव में पानी की भारी किल्लत बनी हुई है। यहां पेयजल स्रोत पूरी तरह सूख गए हैं। कोटला पंचायत के इस गांव में जहां पीने के पानी की समस्या हो गई है तो वहीं गांव की उपजाऊ भूमि पर भी इसका विपरीत असर पड़ रहा है। ग्रामीण बारिश का पानी पीने के लिए विवश हैं या फिर इन्हें पंद्रह किमी दूर लारजी पहुंचना पड़ रहा है। बुधवार को इस गंभीर समस्या को लेकर लौल गांव के ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल कुल्लू के विधायक एवं हिलोपा प्रमुख महेश्वर सिंह की अध्यक्षता में डीसी कुल्लू राकेश कंवर से मिला और उन्हें समस्या से अवगत करवाया। ग्रामीण लीलामणि, भीम सेन, सनपत, यशवंत सिंह, राजेश कुमार, बुद्धि सिंह, खेमराज, लोतराम, राजू, डोला सिंह, हीरा सिंह आदि ने बताया कि पानी के बगैर उनका जीना मुश्किल हो गया है। कहा कि पार्वती परियोजना निर्माण से उनके गांव के आसपास के सभी पेयजल स्रोत सूख गए हैं और उन्हें पाने के लिए भी पानी नसीब नहीं हो रहा है। ग्रामीणों ने डीसी को बताया कि अगर शीघ्र इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो लोगों का जीवन खतरे में पड़ जाएगा और उनकी जमीन बंजर हो जाएगी। उपायुक्त ने ग्रामीणों की समस्या को सुना और ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि समस्या का शीघ्र समाधान किया जाएगा। कहा कि इसको लेकर संबंधित अधिकारियों को इसकी जांच करने को कहा जाएगा।
