
ऊना। उचित मूल्य की सरकारी दुकानों में गरीबों को कीड़े वाला आटा बांटा जा रहा है, जिससे उपभोक्ताओं में हड़कंप की स्थिति है। आटे की बोरी में कीड़े भी साफ दिखाई दे रहे हैं। डिपुओं में मिलने वाले सरकारी आटे की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए लोगों ने डिपुओं से आटा लेने से इंकार कर दिया है। लोगों का कहना है कि आटा इतना खराब है कि इसे मवेशियों को भी नहीं दिया जा सकता। लोगों ने आरोप लगाए कि डिपुओं के माध्यम से सरकार उन्हें सस्ता राशन नहीं, बल्कि बीमारियां दे रही है। उन्होंने कहा कि पिछले कई माह से चीनी तो मिल ही नहीं रही है। ऊपर से सड़ा हुआ आटा बांटकर लोगों के साथ भद्दा मजाक किया गया। देहलां निवासी राम नाथ ने बताया कि वह कल ही देहलां डिपो से राशन लेकर आए, जिसमें आटा भी शामिल है। जब उन्होंने घर जाकर आटा खोला तो आटे में भारी मात्रा में कीड़े पड़े हुए थे। उन्होंने कहा कि आटे को छानने के बाद भी सफेद कीड़े खत्म नहीं हो रहे हैं। देहलां गांव के ही रामदास, गुरबख्श, जोगिंद्र, सतपाल, राजकुमारी व हरजेंद्र कौर ने बताया कि सड़ा आटा लेने से उन्होंने इंकार कर दिया। लोगों ने कहा कि बोरियों में ही आटे के गोले बन गए हैं। डिपो होल्डर भी आटे के गोलों को तोड़कर इसे बारीक करने के बाद लोगों को बांट रहे हैं। जब डिपो होल्डरों से खराब आटे की सप्लाई के बारे में पूछा तो वह पीछे से ऐसी ही सप्लाई आने की बात कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं। उधर, खाद्य आपूर्ति मंत्री जीएस बाली ने कहा कि लोगों को सरकारी डिपुओं में सस्ता और साफ राशन मुहैया कराने के लिए सरकार वचनबद्ध है। यदि ऊना के डिपुओं में लोगों को खराब आटा मिल रहा है तो इसकी जांच करवाई जाएगी।
