लघु उद्योग संस्था ने जाना बुनकरों का दर्द

कुल्लू। हिमाचल प्रदेश लघु उद्योग भारती संस्था जिला कुल्लू के बुनकरों और हथकरघा उद्योगों की समस्याओं का उठाने के लिए आगे आई है। औद्योगिक संस्था लघु उद्योग भारती का कहना है रोजगार और आर्थिक सृदृढ़ता के लिए कुल्लू के हथकरघा बुनकर उद्योग महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं, लेकिन तकनीक और जागरूकता की कमी के कारण यह उद्योग बंद होने की कगार पर हैं। इन मुद्दों को लेकर लघु उद्योग भारती ने रविवार को एक बैठक का आयोजन किया, जिसमें जिला भर से आए करीब चार दर्जन बुनकरों ने भाग लिया। संगठन के प्रदेश महासचिव एनपी कौशिक और प्रदेश प्रवक्ता रणेश राणा ने बुनकरों की समस्याओं को ध्यान से सुना और लघु उद्योग भारती के माध्यम से उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। प्रदेश महासचिव ने कहा कि लघु उद्योग भारती राष्ट्रीय स्तर का औद्योगिक संगठन है, जिसकी इकाइयां देश के समस्त राज्यों में काम कर रही हैं। यहां आए बुनकरों ने अपनी प्रमुख समस्याओं से रू-ब-रू करवाते हुए बताया कि उन्हें कच्चे माल का उपलब्ध न होना, उचित ढंग से बाजार न मिलना, वित्तीय संस्थाओं से सही समयानुसार ऋण न मिलना और लेबर की कमी से उनके उद्योग चौपट होने की कगार पर हैं। कुल्लू में बुनकर उद्योग चला रही कौशल्या देवी, रुकमणि देवी और संत राम ने बताया कि बैंकों से भी उन्हें किसी भी प्रकार की आर्थिक सहायता नहीं मिल पाती है। संस्था के प्रांत महासचिव एनपी कौशिक और प्रवक्ता रणेश राणा ने विश्वास दिलाया कि कुल्लू जिला के बुनकरों की जो भी समस्याएं है इनकों प्रदेश मुख्यमंत्री, उद्योगमंत्री, निदेशक, केंद्र सरकार, हस्तशिल्प और हथकरघा विभाग और सूक्ष्म, मध्यम एवं लघु उद्यम विभाग के आला अधिकारियों को अवगत करवाया जाएगा। इस अवसर पर आनी के संयोजक फागनू राम, आनी से आए लक्ष्मी महिला बुनकर की प्रधान रोशनी देवी, सचिव पूनम देवी, खोखन पंचायत की प्रधान कौशल्या देवी, पूर्व प्रधान तेजराम, ओम प्रकाश, मंगरु राम, सरस्वती, रुकमणि देवी, कलावती शर्मा आदि कई सूक्ष्म एवं लघु उद्यमी उपस्थित थे।

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