लक्ष्य से अधिक हो सकता सेब उत्पादन!

खराहल (कुल्लू)। कुल्लू जिले में 70 फीसदी सेब मंडियों में पहुंच चुका है। जिले में इस बार सेब की एक करोड़ पेटी का उत्पादन होने का लक्ष्य रखा है। अब तक 80 लाख सेब की पेटियां मंडियों में भेजी जा चुकी हैं। तीस फीसदी फसल अभी बगीचों में खड़ी है। लिहाजा उत्पादन तय लक्ष्य से अधिक भी जा सकता है।
गत दस साल के रिकार्ड पर नजर डालें तो सबसे ज्यादा उत्पादन 2010 में 2,17,406 लाख मीट्रिक टन सेब का उत्पादन हुआ था लेकिन इस बार 2.24 लाख मीट्रिक टन सेब उत्पादन का लक्ष्य है। प्रदेश और देश की विभिन्न सब्जी मंडियों में करीब 80 लाख सेब पेटियां भेजी जा चुकी हैं।
बागवान चमन ठाकुर, अरुण ठाकुर, रविंद्र शर्मा, जय चंद, केशव ठाकुर, कैलाश ठाकुर, अखिल राणा और रघुवीर सिंह ने बताया कि 70 फीसदी सेब मंडियों में भेज चुके हैं। बागवान अनुसंधान केंद्र बाजौरा के सह निदेशक डा. जयंत कुमार ने कहा कि रिकार्ड बर्फबारी के चलते इस बार सेब उत्पादन अच्छा है। बागवानी विभाग के उपनिदेशक बीसी राणा ने कहा कि सर्दियों में पर्याप्त बर्फबारी की वजह से बेहतर फसल हुई है। कुल्लू एवं लाहौल-स्पीति विपणन उपज समिति के सचिव प्रकाश कश्यप ने कहा कि स्थानीय मंडियों में ए श्रेणी का सेब 35 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिक रहा है।
स्थानीय मंडियों के दाम
ए-ग्रेड का सेब 35 रुपये प्रति किलो
बी-ग्रेड का रायल 25 रुपये प्रति किलो
सी-ग्रेड का रायल 6-15 रुपये किलो
दिल्ली सब्जी मंडी का भाव
17-18 किलो की पेटी 750-800 रुपये
20 किलो का कार्टन 1000-1100 रुपये

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