लंबित मांगें पूरी न होने पर बोला हल्ला

चंबा। सीटू से संबंधित आंगनबाड़ी वर्करज एवं हेल्पर्ज यूनियन ने अपनी मांगों को लेकर जिला मुख्यालय में धरना-प्रदर्शन किया। इस मौके पर शहर में रैली निकाली और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। इसके बाद यूनियन ने अपनी मांगों को लेकर उपायुक्त चंबा संदीप कदम के माध्यम से मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन भेजा है।
इसमें उन्होंने सरकार से मांग की है कि आंगनबाड़ी वर्क रज और हैल्पर्ज को नियमित किया जाए। इसके अलावा केंद्रों में विभाग द्वारा खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाई जाए, वर्करज को खरीदने के लिए मजबूर न किया जाए। उन्हें वेतन बैंक के माध्यम से दिया जाए, सेवानिवृत्ति की आयु केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार 65 वर्ष की जाए। प्राइमरी स्कूलों में दाखिले के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों में अध्ययन करने के प्रमाण पत्र को अनिवार्य किया जाए। इसके अलावा खाली पडे़ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पद पर योग्य सहायिकाओं को नियुक्त किया जाए। सुपरवाइजर के 90 फीसदी पद आंगनबाड़ी वर्करज में से वरिष्ठता के आधार पर भरे जाएं।
यूनियन की जिला महासचिव अंजू देवी ने बताया कि मई 2013 में हुए 45वें श्रम सम्मेलन की सिफारिशों के अनुसार आंगनबाड़ी वर्करज व हेल्पर को सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए। बाल विकास परियोजना का निजीकरण किया जाए। इसके अलावा उन्हें 10 हजार रुपये न्यूनतम वेतन दिया जाए।

Related posts