
मनाली(सरिता) बर्फ से लकदक सामरिक महत्व की 421 किलोमीटर लंबी मनाली-लेह सड़क को खोलने के लिए सीमा सड़क संगठन ने मुहिम शुरू कर दी है। सोमवार को पर्यटन स्थल गुलाबा में विधिवत पूजा अर्चना के बाद बीआरओ दीपक प्रोजेक्ट के कमांडर कर्नल योगेश नायर की मौजूदगी में बर्फ हटाने के इस अभियान को हरी झंडी दिखाई गई। उधर, लद्दाख क्षेत्र में बीआरओ के प्रोजेक्ट हिमांक ने भी अभियान तेज कर दिया है। बीआरओ का दावा है कि इस बार रोहतांग, बारालाचा और तंगलंगला समेत अन्य दर्रों पर औसतन 20 से 30 फुट मोटी बर्फ की परत बिछी है। उम्मीद की जा रही है कि मई के अंत तक मनाली लेह सड़क वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दी जाएगी। इससे मनाली समेत लेह-लद्दाख के पर्यटन कारोबार को मदद मिलेगी। इधर, रोहतांग दर्रा के इस पार लाहौल घाटी में बीआरओ ने सिस्सू से आगे बर्फ हटाने की मुहिम छेड़ दी है। संगठन ने इस पूरे अभियान के लिए करीब एक दर्जन बुलडोजर, स्नोकटर और जवानों को तैनात कर दिया है। कमांडर कर्नल योगेश नायर ने दावा किया है कि मौसम अनुकूल रहा तो इस बार रोहतांग दर्रा को रिकार्ड समय अवधि के भीतर बहाल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके लिए संगठन के जवान शून्य से करीब बीस डिग्री नीचे तापमान में भी काम करने को तैयार हैं। बताया जा रहा है कि चुनावी वर्ष होने के कारण संगठन के ऊपर रोहतांग दर्रा को जल्द बहाल करने के लिए रक्षा मंत्रालय का भी दबाव बना हुआ है।
