
उदयपुर। समुद्रतट से 13050 फीट ऊंचे रोहतांग दर्रा पैदल आर-पार करने के लिए लाहौल के जरूरतमंद लोगों को तीन हफ्ते का और इंतजार करना पड़ेगा। भारी बर्फबारी के चलते रोहतांग दर्रा दिसंबर माह से बंद चल रहा है। ऐसे में इस बीच कोई भी मुसाफिर दर्रे को लांघने में खतरे को मोल नहीं लेना चाहता है। तीन माह से लाहौल घाटी शेष विश्व से अलग-थलग होने के कारण लोगों की आवाजाही अब हेलीकाप्टर के सहारे चल रही है। रोहतांग दर्रे को अधिकारिक तौर पर 15 मार्च से पैदल राहगीरों की आवाजाही को खोल दिया जाएगा।
उपायुक्त लाहौल-स्पीति बीर सिंह ठाकुर ने इस बात की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि इन दिनों लाहौल की वादियां बर्फ से लकदक हैं। इस बीच घाटी में फंसे बीमार लोगों के साथ परीक्षार्थियों और जरूरतमंद लोगों कोे घाटी के विभिन्न हेलीपैड से हेलीकाप्टर के माध्यम से बाहर निकाले जा रहे हैं। 15 मार्च को रोहतांग दर्रा अधिकारिक तौर पर पैदल राहगीरों के लिए खुल जाएगा। लाहौल की ओर से कोकसर और मनाली की ओर से मढ़ी में पैदल राहगीरों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बचाव चौकियां खोली जाएंगी।
