
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय में रैगिंग करना छात्रों को काफी महंगा पड़ सकता है। डीयू प्रशासन ने पुलिस और डीटीसी अधिकारियों के साथ हुई प्रॉक्टोरियल बोर्ड की बैठक में रैगिंग को लेकर सख्त रवैया अपनाने का फैसला किया है। शुक्रवार को हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि रैगिंग के मामलों को मॉनिटर करने के लिए मोबाइल पेट्रोलिंग की जाएगी। रैगिंग रोकने के लिए डीयू एफएम स्टेशन से पुलिस अधिकारी, प्रॉक्टोरियल बोर्ड के अधिकारी और डीन स्टूडेंट वेलफेयर जानकारी देंगे। प्रत्येक कॉलेज के बाहर और डीयू के समूचे हिस्से में सादे कपड़ों में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती रहेगी। कैंपस में अन्य स्थानों के साथ ही पुलिस संवेदनशील जगहों पर भी नजर रहेगी।
कॉलेजों को कहा गया है कि वह सभी फैसलों को सख्ती से लागू करें। हॉस्टलों में बाहर के छात्रों पर नजर रखी जाएगी। हॉस्टल में बाहर के छात्रों को चेक करने के लिए नियमित और अचानक निरीक्षण भी किया जाएगा। हर कॉलेज के बाहर खासकर महिला कॉलेजों के बाहर पुलिस की टुकड़ी तैनात की जाए। कॉलेज हॉस्टलों में बाहर के किसी छात्र की एंट्री पर प्रतिबंध लगाया गया है। पीजी में रहने वाले स्टूडेंट को यह ध्यान रखना होगा कि उसके पीजी का पुलिस वेरिफिकेशन हुआ हो। कैंपस में मौजूद सारे फूड प्वाइंट पर भी खास नजर रहेगी। यूजीसी ने रैगिंग को रोकने के लिए सख्त गाइडलाइंस बनाई है। जिसके तहत प्रिंसिपल को सत्र के पहले तीन माह तक साप्ताहिक रिपोर्ट एंटी रैगिंग रोकथाम के रुप में प्रॉक्टर ऑफिस भेजनी होगी। वहीं डीटीसी के सीजीएम (ऑपरेशन) को बसों में सभी हेल्पलाइन नंबर प्रदर्शित करने को कहा है। डीयू प्रशासन ने सलाह दी है कि छात्र अपने वाहन से कॉलेज न आएं। इससे कॉलेज के बाहर जाम की स्थिति बन सकती है।
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रैगिंग होने पर यहां करें संपर्क
– 9 कॉलेजों में शिकायत पेटी की व्यवस्था
– 24 घंटे एंटी रैगिंग हेल्पलाइन नंबर 1800-180-5522
– नॉर्थ कैंपस संयुक्त कंट्रोल रूम का नंबर 27667221
– साउथ कैंपस संयुक्त कंट्रोल रूम का नंबर 24119832
– 100 नंबर पर पीसीआर वैन को फोन करें
– ema8il : proctor@du.ac.in, infocentre@du.ac.in
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ऐप बताएगा कहां किससे हुई रैैगिंग
नई दिल्ली (ब्यूरो)। हाईटेक जमाने में गेमिंग, शॉपिंग के नए तरीके के रुप में उभर रहे ऐप अब रैगिंग रोकने में भी मदद करेंगे। दरअसल डीयू प्रशासन ऐसा गूगल ऐप बनाने की तैयारी कर रहा है जिससे पता चल जाएगा कि किससे और कहां रैगिंग हुई। साथ ही छात्र की मदद के लिए उस तक पहुंचा जा सकेगा। इस ऐप को केवल डीयू का छात्र ही डाउनलोड कर सकेगा।
