रेलवे ने सीसीटीवी फुटेज देने में जताई असमर्थता

नई दिल्ली। वसंत विहार गैंगरेप मामले में रेलवे ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म की सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध करवाने में असमर्थता जाहिर की है। रेलवे ने तर्क रखा कि सीसीटीवी फुटेज केवल 30 दिनों तक ही सुरक्षित रखी जाती है, इसके बाद नहीं। मामले में आरोपी अक्षय ठाकुर ने दावा किया था कि वह गत वर्ष 16 दिसंबर को गैंगरेप की वारदात से पहले ही दिल्ली छोड़ चुका था। 15 दिसंबर की दोपहर वह महाबोधि एक्सप्रेस से अपने गांव चला गया था। आरोपी की मांग पर अदालत ने रेलवे अधिकारियों को सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था। साकेत स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश योगेश खन्ना के समक्ष पेश रिपोर्ट में रेलवे अधिकारियों ने कहा कि जिस प्लेटफॉर्म से आरोपी ने ट्रेन पकड़ी थी, उसकी सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध नहीं करवाई जा सकती, क्योंकि फुटेज केवल 30 दिनों के लिए सुरक्षित रखी जाती है। वहीं दूसरी ओर आरोपी पवन गुप्ता के अधिवक्ता विवेक शर्मा शुक्रवार को अदालत में पेश नहीं हुए। इसके कारण बचाव पक्ष के गवाहों के बयान दर्ज नहीं हो सके। आरोपी पवन ने अपने बचाव में सात गवाह बुलाने की मांग की थी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया गया था। विशेष लोक अभियोजन अधिकारी दयान कृष्णन ने अदालत से आरोपी पवन गुप्ता के गवाहों की गवाही समाप्त करने की मांग की लेकिन अदालत ने कहा कि आरोपी अक्षय ठाकुर और पवन को गवाही के लिए दो दिन दिए गए हैं, इसलिए शनिवार को गवाही होगी। अगर शनिवार को भी गवाही नहीं होती तो गवाही बंद कर दी जाएगी।

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