रूसा को लेकर उग्र होने लगे परिषद के तेवर

ऊना। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की ऊना इकाई की ओर से मंगलवार को स्थानीय कार्यालय में बैठक आयोजित की गई। बैठक में परिषद ने 26 जून को कालेज में विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। बैठक को संबोधित करते हुए पूर्व जिला संयोजक एवं इकाई उपाध्यक्ष भानू ने कहा कि वर्तमान सरकार ने रूसा नियम लागू कर कई विद्यार्थियों का भविष्य अधर में लटका दिया है। एक जगह तो वर्तमान सरकार रूसा नियम लागू करती है और दूसरी जगह कई महाविद्यालय बंद कर रही है, जिससे निजी विश्वविद्यालयों को दोनों हाथों से कमाने का मौका दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रूसा नियम केवल 100 करोड़ रुपये कमाने के लिए ही लागू किया गया है उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति रोजगार के साथ पत्राचार के माध्यम से परीक्षा देते थे, वह अब क्या करेंगे। उन्होंने कहा कि वैसे तो सरकार अपने आप को दलित हितैषी, गरीब हितैषी एवं महिला हितैषी बताती है, पर यह नियम लागू करके सबके हितों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्हें पढ़ाई से वंचित कर दिया है। जब विद्यार्थी परिषद ने इसके विरोध में हिमाचल विश्वविद्यालय में लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन किया, तब अन्य संगठनों एवं कुलपति ने उन पर लाठीचार्ज कर तथा विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं पर झूठे केस दर्ज करवा दिए। उन्होंने कहा कि परिषद इसके विरोध में 26 जून को ऊना महाविद्यालय में प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा कि जो भी विद्यार्थी रूसा के कारण पढ़ाई से वंचित रह गए हैं, वे बढ़-चढ़कर इस आंदोलन में हिस्सा लें, जिससे इसके सकारात्मक परिणाम निकलें। उन्होंने कहा कि यह तभी संभव होगा, जब हम एक होकर सरकार के इस नियम के विरोध में खड़े होंगे।

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