
हमीरपुर/नादौन/बड़सर। सत्रांत परीक्षाओं के लिए आवेदन करना छात्रों के लिए सिरदर्द बनता जा रहा है। छात्रों को परीक्षा फार्म भरने तथा फीस जमा करवाने के लिए खूब दौड़ लगानी पड़ रही है। विवि प्रशासन की ओर से रूसा प्रणाली लागू होने के बाद आनन-फानन में आनलाइन व्यवस्था को लागू कर दिया गया, लेकिन धरातल पर परिस्थितियों को ध्यान में नहीं रखा गया है। छात्रों को फीस जमा करवाने के लिए 15 से 20 किमी का सफर करना पड़ रहा है। छात्रों और अभिभावकों को कैफे व अन्य संस्थानों का रुख करना पड़ रहा है। कॉलेज में रूसा प्रणाली लागू करने के पश्चात विवि प्रशासन ने सत्रांत परीक्षाओं के लिए आवेदन की प्रक्रिया को आनलाइन कर दिया है। बैंक में छात्रों को काफी इंतजार करना पड़ रहा है। हमीरपुर एसबीआई शाखा में दो दिनों से 100-150 छात्र फीस जमा करवाने के लिए अपनी बारी का इंतजार करते देखे गए। हमीरपुर में छात्रों को साइबर कैफे, कंप्यूटर संस्थानों में फार्म भरते देखा गया। हमीरपुर कॉलेज के प्राचार्य पीसी पटियाल का कहना है कि छात्रों को कॉलेज में स्थित लैब में सुविधा प्रदान की जा रही है। नोटिस बोर्ड के साथ ही लाउड स्पीकर का भी सहारा लिया गया है।
30 अक्तूबर तक ही आवेदन
प्रथम वर्ष के सभी संकायों के छात्रों के आवेदन करने की अंतिम तिथि 30 अक्तूबर है, लेकिन विभिन्न कॉलेजों के अधिकतर छात्रों के आवेदन अभी तक पूरा नहीं हो पाए हैं। छात्रों का आरोप है कि जब विवि प्रबंधन प्रणाली को लागू करने में पूर्णतया तैयार नहीं था तो इसे लागू ही क्यों किया।
यह है आवेदन की प्रकिया
आवेदन करने के लिए पहले छात्रों को आनलाइन अप्लाई कर चालान रसीद लेनी होगी। इसके बाद बैंक में जाकर चालान फीस जमा करवानी होगी। चालान संख्या लेकर दोबारा आनलाइन अप्लाई करने के लिए छात्रों को साइबर कैफे में जाकर धक्के खाने पड़ रहे हैं। चालान राशि मात्र एसबीआई बैंक में ही जमा होगी।
15 किमी दूर जमा करवा रहे फीस
राजकीय महाविद्यालय भोरंज (कंज्याण) में छात्रों को फीस जमा करवाने के लिए करीब 15 से 20 किमी का सफर तय करना पड़ रहा है। विवि प्रशासन की विधि के अनुसार केवल एसबीआई बैंक की शाखा में ही फीस जमा होनी है, लेकिन भोरंज या आस-पास के क्षेत्र में एसबीआई बैंक की शाखा नहीं है। परीक्षा शुल्क जमा करवाने के लिए अवाहदेवी या जाहू जाने का ही विकल्प उपलब्ध है।
