रिटायर अफसर पर बीस लाख रुपये जुर्माना

शिमला। नगर निगम की भवन एवं मार्ग शाखा में बतौर कनिष्ठ अभियंता और सहायक अभियंता काम कर चुके एक सेवानिवृत्त अफसर पर सहायक आयुक्त की कोर्ट ने 20 लाख रुपये जुर्माना किया है। अफसर पर निगम से स्थानांतरित होने के बाद और लोक निर्माण विभाग से सेवानिवृत्त होने के बाद भी नगर निगम के सरकारी आवास पर कब्जा करने का आरोप है।
सुभाष चंद्र साल 1982-83 में नगर निगम की भवन एवं मार्ग शाखा में बतौर कनिष्ठ अभियंता तैनात थे। इसके बाद नगर निगम में ही बतौर सहायक अभियंता इन्होंने सेवाएं दीं। इन्हें निगम की ओर से आयुक्त के सरकारी आवास संजौली स्थित कॉर्नर हाउस के पास सरकारी आवास अलॉट हुआ था। सुभाष चंद्र पर आरोप है कि इन्होंने नगर निगम से तबादला होने के बाद भी सरकारी आवास नहीं छोड़ा। उक्त अफसर लोक निर्माण विभाग से बतौर अधिशासी अभियंता सेवानिवृत्त भी हो चुके हैं लेकिन इन्होंने इसके बाद भी नगर निगम के सरकारी आवास को खाली नहीं किया। मामला हाईकोर्ट में गया। हाईकोर्ट ने सहायक आयुक्त की कोर्ट में मामले की सुनवाई को कहा। सहायक आयुक्त नरेश ठाकुर की कोर्ट ने मामले में सुनवाई करते हुए सुभाष चंद्र से 20 लाख रुपये वसूलने के आदेश दिए हैं। सेवानिवृत्त अफसर से बैक डेट से किराये की वसूली की जाएगी।

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