
नई दिल्ली। बिहार के लोगों के बारे में आपत्तिजनक बयान देने के मामले में तीस हजारी अदालत ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे को 26 जुलाई को पेश होने का निर्देश दिया हैै। राज ने वाई श्रेणी की सुरक्षा में होने के कारण पेशी में आने में असमर्थता जताई थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया।
एसीएमएम देवेंद्र कुमार शर्मा ने राज ठाकरे का तर्क खारिज करते हुए कहा कि यह छूट का कोई आधार नहीं है। आरोपी को सुरक्षा मिली हुई है, इसलिए उसे अदालत के समक्ष पेश होना ही चाहिए। इसके अलावा उसके खिलाफ 2009 में जमानती वारंट भी जारी हो चुका है। अदालत ने मनसे प्रवक्ता शिरीश पार्कर को भी पेश होने का निर्देश दिया है। मामले में पार्कर को भी आरोपी बनाया गया है। अदालत का यह आदेश बिहार स्टेट बार काउंसिल के सदस्य प्रेमचंद्र जायसवाल की शिकायत पर आया है। जायसवाल का आरोप है कि राज ठाकरे ने अपने बयान से बिहार के लोगों और उनके धार्मिक उत्सव छठ पर्व का अपमान किया है। यह मामला 2008 में पटना में दायर हुआ था। राज ठाकरे की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने 2010 में इसे और ऐसे दूसरे मामलों को दिल्ली स्थानांतरित कर दिया था।
