राजपूत समुदाय प्रदेश सरकार से खफा

कांगड़ा।(आत्मा राम ) प्रदेश सरकार की ओर से गठित राजपूत कल्याण बोर्ड में प्रदेश राजपूत कल्याण ट्रस्ट और सभा के अधिकतर सदस्यों को नजरअंदाज करने पर समुदाय में रोष व्याप्त है। कांगड़ा में महाराणा प्रताप की मूर्ति के अनावरण मौके पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने राजपूत कल्याण बोर्ड के गठन की घोषणा के बाद इसे ट्रस्ट और सभा ने अपने लंबे संघर्ष की जीत करार दिया था। बोर्ड में गैर सरकारी सदस्यों में ट्रस्ट और सभा के सदस्यों की अनदेखी के चलते ट्रस्ट के चेयरमैन ठाकुर कुलदीप सिंह ने सरकार की ओर से उन्हें दी गई नियुक्ति को अस्वीकार कर दिया है।
उधर, प्रदेश राजपूत सभा के अध्यक्ष टेक चंद राणा, मुख्य सलाहकार कर्नल एससी परमार, सीडी राणा, अतुल राणा, जीएस पटियाल, युद्धवीर सिंह, राजेंद्र सिंह ने कहा कि बोर्ड में ऐसे लोगों को जगह दी गई है, जिनका समुदाय के उत्थान के लिए कोई योगदान नहीं है। वहीं, एमआर राजपूत, कर्नल यूएस गुलेरिया, रणवीर सिंह पठानिया, जगरूप सिंह राणा, मिलाप चंद राणा, टीसी कटोच, अमर सिंह परिहार, ओंकार सिंह कटोच, डीबी राणा, दीपक राणा, राजेश्वर पठानिया, वरियाम सिंह, कैलाश राणा, जय सिंह मनकोटिया, हरि चंद राणा, प्रमोद सिंह, उत्तम सिंह चौहान, कुलदीप सिंह पठानिया, कैलाश चंद कटोच, जगदीश पटियाल, नरेश राणा, रमेश चंद, निर्मला राणा, अजीत राणा, पुरुषोत्तम मनकोटिया, रूप सिंह मनकोटिया ने कहा कि बोर्ड में गैर सरकारी सदस्यों में विधायकों को शामिल करने का क्या औचित्य बनता है? दशकों से कांगड़ा में हो रहे प्रदेशस्तरीय सम्मेलन में उन्होंने बोर्ड बनाने की आवाज बुलंद की है। आज बोर्ड में उन लोगों को जगह दे दी, जिनका इस संघर्ष और अन्य गतिविधियों में आज तक कोई योगदान नहीं रहा।

Related posts