राजधानी में घट रही हैं प्याज की कीमतें’

नई दिल्ली। राजधानी में प्याज की राजनीति में कांग्रेस की तरफ से मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने मोर्चा संभाला है। उन्होंने साफ किया है कि विपक्षी दल कुछ स्टॉल लगाकर जनता की सहानुभूति बटोरने की कोशिश में हैं। हम राजनीतिक पार्टी के तौर पर नहीं बल्कि सरकार में होने के नाते जिम्मेदारी निभा रहे हैं। राजधानी में प्याज की कीमतें घट रही हैं।
रविवार को भाजपा और ‘आप’ के स्टॉल लगाने और सोमवार को भाजपा की ओर से राखी बांधने के बदले प्याज देने को मुख्यमंत्री ने राजनीतिक स्टंट बताया है। विकास मंत्री राजकुमार चौहान और खाद्य आपूर्ति मंत्री हारुन यूसुफ से साथ मीडिया से मुखातिब मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के हस्तक्षेप के कारण ही प्याज की कीमतें 80-90 रुपये किलो से घटकर 50 रुपये किलो तक आ गई हैं। दैनिक खपत 1000 टन है, सोमवार को आवक 1700 टन रही। वर्तमान में दिल्ली के पास 3200 टन का स्टॉक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कीमतें बरसात, स्वतंत्रता दिवस सुरक्षा और सड़क की टूटफूट के कारण देशभर में बढ़ी हैं। आवक में कमी और दूसरे राज्यों में जमाखोरी से जो हालात पैदा हुए उसे नियंत्रित करने के लिए सरकार ने हस्तक्षेप किया। दो मंत्री नजर रखे हुए हैं। अब कीमतों में कमी आएगी। राजनीतिक पार्टियां उसमें कूदकर रंग देने में जुटी हैं। उन्होंने कहा जो विपक्षी दल यहां स्टॉल लगा रही है, वह अपनी पार्टी से शासित राज्यों में प्याज कीमत कम करने के लिए कुछ क्यों नहीं कर रही है? केंद्रीय कृषि मंत्री को निर्यात रोकने के लिए पत्र लिखने के बारे में उन्होेंने बताया कि हमें यह मालूम था कि प्याज निर्यात किया जा रहा है जबकि केंद्र सरकार से बाद में सूचना मिली कि हम आयात कर रहे हैं। फिर भी कृषि मंत्री ने आश्वस्त किया है कि जो कुछ कर सकते हैं कर रहे हैं।

प्याज के मुद्दे पर 1998 में कांग्रेस की सरकार नहीं आई थी। भाजपा के शासनकाल में तमाम ऐसी कारक पैदा हुए जिससे जनता ने सत्ता परिवर्तन किया था। हम बतौर राजनीतिक पार्टी प्याज नहीं बेच रहे हैं बल्कि सरकार होने के नाते जिम्मेदारी निभा रहे हैं। अगर विपक्ष इसे मुद्दा बना रहा है तो बनाने दें। – शीला दीक्षित, मुख्यमंत्री

नासिक में प्याज की थोक कीमत सोमवार को 32-35 रुपये प्रति किलो रही है। वहीं राजधानी में थोक कीमत अधिकतम 42 रुपये रही है। इसे देखते हुए 40-45 रुपये में प्याज बेची जा रही है जो मंगलवार को कीमत घटने पर 35-40 रुपये बेची जाएगी। – राजकुमार चौहान, विकास मंत्री

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