
नैनबाग (टिहरी)। प्रकृति का रौद्र रूप देखकर मोगी और परोड़ी के ग्रामीणों की नींद गायब होने लगी है। भीषण आपदा से दर्जनों घर ध्वस्त हो गए हैं। दोबारा बारिश होने पर गांव के 100 से अधिक परिवारों को जोखिम उठाना पड़ सकता है।
जिससे ग्रामीणों को भविष्य की चिंता सता रही है। जौनपुर के ग्राम परोड़ी में 20 परिवारों के मकान पूरी तरह से टूट गए हैं। किसी तरह जान बची तो लोगों ने पंचायत घर, छानियां और आयुर्वेदिक अस्पताल में शरण ली है। स्थिति यह है कि उस क्षेत्र को जोड़ने वाली एक मात्र सड़क टूटने से रस्सियों के सहारे जरूरी सामान पहुुंचाना पड़ रहा है। गांव में 18 मकान खतरे की जद में है, जहां ग्रामीण उन्हीं घरों में रहने को मजबूर हैं। मोगी में भी 16 जून को हुई भारी बरसात से रामभजन, देवी चरण, गुंती दास, नरेश लाल और सोबन दास, उदय सिंह और राजेंद्र सिंह का आवासीय भवन क्षतिग्रस्त हो गया है। प्रशासन की ओर से प्रभावितों को 27 सौ रुपए की सहायता दी है। ग्रामीणों का कहना है, कि गांव के 70 परिवार अभी भी खतरे की जद में है। एसडीएम संतोष पांडेय ने बताया कि प्रभावितों की हर संभव मदद की जा रही है।
