
कुल्लू। मंदिरों में बढ़ रही चोरी की घटनाओं से देव समाज आहत है। सवाल किए जाने लगे हैं कि
मंदिरों में सोने-चांदी का संग्रहण करने की आखिर क्या आवश्यकता है। ब्राह्मण जन कल्याण सभा के अध्यक्ष पंडित खेमराज ने बताया कि देव संस्कृति आध्यात्मिक विज्ञान की श्रेष्ठ सत्ता है और इस संस्कृति में तरंग विज्ञान का रहस्य छुपा है। इस विज्ञान से समाज को कई लाभ उपलब्ध होते रहे हैं। सभा का मनाना है कि आज के भौतिक युग में इस संस्कृति का वैज्ञानिक दृष्टि से अवलोकन करने की आवश्यकता है। सभा ने खेद व्यक्त किया है कि सभा श्रद्धा भाव से देव शक्ति द्वारा वांछित संपत्ति का संग्रह तो कर लेती है परंतु उसकी सुरक्षा की व्यवस्था कैसे हो वह मंदिरों में हो रही चोरियों से नगण्य दिख रही है। ब्राह्मण जनकल्याण सभा ने रघुनाथ मंदिर में हुई चोरी को लेकर पुलिस प्रशासन से आरोपियों को जल्द सलाखों के पीछे धकेलने का आग्रह किया है। वहीं, सभा देव समाज से भी आग्रह करती है कि देवविधि अनुसार देवशक्तियों के माध्यम से भी इस दुखद घटना का पता लगाया जाए। रघुनाथ मंदिर में हुई चोरी के लिए ब्राह्मण सभा के अध्यक्ष पंडित खेमराज, महासचिव दयानंद सारस्वत,
संस्थापक सदस्य मनमोहन गौतम, निदेशक पंडित लुदरमणि, पन्ना लाल, धनी राम, दौलत राम आचार्य, पंडित कामनाथ, प्रदीप शर्मा, अजय शर्मा, उपाध्यक्ष पंडित गोपी चंद, कुलदीप कुमार आदि ने गहरी चिंता जताई है।
