
केलांग। प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में बर्फ के बीच फंसे मरीजों, परीक्षार्थियों और जरूरतमंदों के लिए सेना का हेलीकाप्टर देवदूत बन कर आया। नेशनल एसटी कमीशन के उपाध्यक्ष एवं विधायक लाहौल स्पीति रवि ठाकुर की अपील पर राज्य सरकार ने रक्षा मंत्रालय से सेना के दो हेलीकाप्टरों को जनजातीय इलाकोें में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए भेजा है।
मंगलवार को भुंतर-सिंतिगिरी, भुंतर-उदयपुर और भुंतर-किलाड़ के बीच हुई चार उड़ानों से मरीजों समेत 160 लोगों को रोहतांग दर्रा के आर-पार किया गया। वहीं बुधवार को भी सेना के दो हेलीकाप्टर स्पीति और लाहौल के लिए 7 उड़ानें भरेंगे। राज्य सरकार का हेलीकाप्टर उपलब्ध नहीं होने से राज्य सरकार और रवि ठाकुर के हस्तक्षेप के बाद केंद्रीय रक्षा मंत्रालय ने सेना के दो हेलीकाप्टरों को कुछ दिनों के लिए प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों के लिए आपातकालीन सेवा के लिए भेजा है। मंगलवार को सेना के एक हेलीकाप्टर ने पहली उड़ान सितिंगरी और दूसरे हेलीकाप्टर ने किलाड़ के लिए उड़ान भरी। सितिंगरी के लिए हुई पहली उड़ान से 16 यात्री भुंतर से सितिंंगरी और 18 लोगों को भुंतर पहुंचाया गया। वहीं दूसरी उड़ान से स्कूली बच्चों समेत 26 को भुंतर और 25 यात्रियों को सिंतगिरी पहुंचाया गया। किलाड़ से 15 लोगों को भुंतर और 11 लोगों को भुंतर से किलाड़ ले जाया गया। चौथी उड़ान से 25 लोगों को उदयपुर तथा 26 यात्रियों को भुंतर पहुंचाया गया।
विधायक रवि ठाकुर ने बताया कि राज्य सरकार के माध्यम से केंद्रीय रक्षा मंत्रालय से आपातकालीन सेवा के लिए सेना हेलीकाप्टर की मदद मांगी गई। जिस पर मंत्रालय ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो हेलीकाप्टरों को भेजा है। बुधवार को सेना के यह दो हेलीकाप्टर स्पीति के लिए तीन और लाहौल के विभिन्न हेलीपैडों के लिए चार उड़ानें भरेंगे। राज्य सरकार जनजातीय क्षेत्रों के लिए लगातार हेलीकाप्टर सेवा देने के लिए गंभीर है। यही कारण है कि मुख्यमंत्री वीरभद्र और रक्षा मंत्रालय के प्रयासों से एक के बजाए सेना के दो हेलीकाप्टरों को उड़ाया जा रहा है।
