रक्त नहीं, जीवन दान करते हैं रक्तदाता

हमीरपुर। 14 जून का दिन विश्व भर में रक्तदाता दिवस के रूप में मनाया जाता है। रक्तदाता केवल अपने शरीर से रक्त की कुछ बूंदें ही दान नहीं करता, बल्कि अन्य जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन दान करता है। रक्तदाता की ओर से दिए गए रक्त से दूसरे व्यक्ति को जीवन मिलता है, शायद इसीलिए रक्तदान को महादान भी कहा जाता है।
समाजसेवी शांतनू कुमार अनोखे सेवा कार्य के साथ ही रक्तदाताओं को भी जागरूक कर रहे हैं। अप्रैल 2005 से शांतनू मोबाइल ब्लड बैंक के नाम से युवाओं, समाज में रक्तदान को लेकर जागरूकता लाने का प्रयास कर रहे हैं। शांतनू ने करीब 175 लोगों को अपने साथ जोड़ा है। उन्होंने कहा कि समाज में रक्तदान को लेकर व्याप्त भ्रांतियों, डर को दूर करने की आवश्यकता है। इन्हीं के कारण कई बार लोग परिवार के किसी सदस्य के लिए आवश्यकता होने पर स्वयं देने के बजाय रक्त के लिए अन्य लोगों का सहारा लेते हैं। हर साल लाखों लोग समय पर रक्त न मिलने के कारण अकाल मृत्यु का शिकार हो जाते हैं। इनमें अधिक संख्या नेगेटिव रक्त ग्रुप वालों की होती है। उन्होंने कहा कि एक सर्वेक्षण के अनुसार प्रत्येक सौ लोगों में एक ए नेगेटिव, 59 में एक बी नेगेटिव, 67 में एक ओ नेगेटिव, 333 लोगों में एक एबी नेगेटिव पाया जाता है। उन्होंने युवाओं तथा अन्य स्वस्थ व्यक्तियों से रक्तदान के लिए आगे आने का आह्वान किया, वहीं, नेगेटिव ग्रुप से रक्तदाताओं से ब्लड बैंक के साथ जुड़ने का आग्रह किया, जिससे जरूरतमंद की समय पर सहायता कर कीमती जान को बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि इच्छुक मोबाइल नंबर 94180-96502 पर संपर्क कर सकते हैं। शांतनू अपने खर्च पर अभी तक 208 लावारिस लोगों की अस्थियों का हरिद्वार जाकर विसर्जन कर चुके हैं। तथा उनकी आत्मिक शांति के लिए प्रक्रिया को पूरा करवा चुके हैं।

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