रकम वापसी में देरी पर एसबीआई को देना होगा हर्जाना

नई दिल्ली। गलत तरीके से काटी गई रकम वापसी में देरी पर उपभोक्ता फोरम ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) को 34 हजार रुपये का हर्जाना देने का आदेश दिया है। एटीएम से पैसा निकालते वक्त शिकायतकर्ता को रकम नहीं मिली थी, लेकिन उसके खाते से डेबिट हो गई। उत्तरपूर्वी जिला उपभोक्ता फोरम ने माना कि एसबीआई ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के दिशानिर्देशों का पालन नहीं किया। नियमानुसार बैंक गलत तरीके से डेबिट राशि को सात दिन के भीतर क्रेडिट करने के लिए बाध्य है। फोरम ने कहा कि बैंक गलत तरीके से डेबिट राशि सात दिन के भीतर नहीं लौटाता तो पीड़ित को रोजाना 100 रुपये मिलने चाहिए। इस मामले में 189 दिन की देरी हुई थी। इस हिसाब से 18,900 रुपये पीड़ित को मिलने चाहिए थे। फोरम के अध्यक्ष एनए जैदी ने आदेश में कहा कि आरबीआई के दिशानिर्देशों का पालन होना चाहिए। फोरम ने पीड़ित ग्राहक को 16 हजार रुपये मुआवजे के तौर पर देने का निर्देश भी एसबीआई को दिया है। साथ ही उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए आरबीआई व वित्त मंत्रालय को तंत्र बनाने के लिए कहा है। उत्तरपूर्वी दिल्ली निवासी सुबोध कुमार की शिकायत पर फोरम ने यह फैसला सुनाया है। सुबोध का कहना था कि उसने 23 फरवरी 2012 को पंजाब नेशनल बैंक के एटीएम के माध्यम से अपने एसबीआई खाते से 10 हजार रुपये निकालने की कोशिश की थी। एटीएम मशीन से 10 हजार रुपये नहीं निकले, लेकिन खाते से डेबिट हो गए।

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