युवाओं के सहारे करेंगे वारे-न्यारे

नई दिल्ली। विधानसभा चुनाव में प्रदेश भाजपा यंग ब्रिगेड पर दांव लगाने की तैयारी में है। भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी ने भी मंगलवार देर रात तक चली कोर कमेटी की बैठक में यह साफ कर दिया कि इस बार युवाओं को प्राथमिकता मिलेगी। बैठक में भाजपा के वरिष्ठ नेता व संघ से जुड़े नंद किशोर गर्ग ने भी कहा कि युवा चेहरा उतारने के लिए संघ ने भी संकेत दिए हैं। हालांकि, इस बात पर कई लोगों ने ऐतराज भी जताया। प्रदेश भाजपा पदाधिकारियों ने युवाओं को तरजीह देकर साफ कर दिया है कि इस बार थकाऊं नहीं बल्कि जिताऊ और युवा उम्मीदवारों पर नजर होगी। हालांकि, भाजपा सेफ साइड गेम को भी नजरअंदाज नहीं करेगी क्योंकि वर्तमान विधायकों की उम्मीदवारी को भी प्रबल माना जा रहा है। अगर युवा प्रत्याशियों को देखें तो टिकट की दौड़ में दो दर्जन से ज्यादा चेहरे दिख हैं। इनमें दूसरी पीढ़ी के नेता पुत्र ही नहीं बल्कि दो पूर्व मुख्यमंत्री के पुत्र भी शामिल हैं। तिलकनगर से विधायक ओपी बब्बर के बेटे राजीव बब्बर, ग्रेटर कैलाश से विधानसभा नेता प्रतिपक्ष के बेटे अजय मल्होत्रा टिकट की दौड़ में हैं। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री मदनलाल खुराना के पुत्र विमल व हरीश खुराना भी युवा चेहरे हैं जबकि साहिब सिंह वर्मा के पुत्र प्रवेश वर्मा भी टिकट की दौड़ में हैं। ग्रेटर कैलाश से पंकज वधावन, पटपड़गंज से नकुल भारद्वाज, बुराड़ी से गौरव खारी, विश्वास नगर से दीपक गावा भी ऐसे युवा चेहरे हैं, जो इस दौड़ में शामिल हैं।

युवा नेताओं का तर्क
युवा नेताओं का तर्क है कि आधा दर्जन विधायक 65 की उम्र पार चुके हैं। चार ऐसे नेता हैं, जो 70 साल से ज्यादा के हैं। इसी तरह चार से अधिक 50 साल से भी ज्यादा हैं। ऐसे में अगर पार्टी उन्हें टिकट देती है तो अगले पांच साल में वो और अधिक बुजुर्ग हो जाएंगे। पार्टी कार्यकर्ताओं का यह भी कहना है कि पार्टी अगर इस बार उन्हें टिकट नहीं देती है तो और भी विधायक पुत्र दावेदार हो जाएंगे। ऐसे में आम कार्यकर्ता टिकट की बांट ही जोहते रहेंगे।

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