यहां पहाड़ों के साथ लगे हैं रेत के टीले

नग्गर (कुल्लू)। ऐतिहासिक धरोहर गांव नग्गर में पहाड़ों और राजस्थान के रेगिस्थान के दीदार लोग एकसाथ कर रहे हैं। बर्फ की आगोश में सिमटी पहाड़ियां और दूसरी तरफ रेत के ऊंचे टीलों के बीच संघर्ष करता मानवीय जीवन को देख हर कोई कुछ देर के लिए यहीं रुक जाता है। दरअसल ऐतिहासिक धरोहर गांव नग्गर के अंतरराष्ट्रीय रोरिक मेमोरियल ट्रस्ट के प्रदर्शनी हाल में कोल्हापुर (महाराष्ट्र) के प्रसिद्ध चित्रकार आत्मा राम के चित्रों की प्रदर्शनी लगाई गई। इन चित्रों में कुल्लू की पहाड़ियों और राजस्थान के रगिस्थान को कलाकार ने उम्दा ढंग से दर्शाया है। शनिवार को प्रदर्शनी का उद्घाटन ट्रस्ट की रशियन कुरेटर डा. लरिसा सुरगिना ने रिबन काट कर किया।
प्रदर्शनी में 40 से अधिक चित्रों को प्रदर्शित किया है। चित्रों में आत्माराम ने कुल्लू के पहाड़ों और राजस्थान के रेगिस्तान के जन जीवन को आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया है। प्रदर्शनी दो सप्ताह तक दर्शकाें तथा पर्यटकों के खुली रहेगी। चित्रकार आत्मा राम ने बताया कि उन्हें हिमाचल से बेहद लगाव है। इसीलिए वह 30 सालों से हिमाचल में रह कर चित्रों को बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि नग्गर के अंतरराष्ट्रीय रोरिक मेमोरियल ट्रस्ट में प्रदर्शनी लगाकर वह बहुत खुश हैं। इस चित्रकला प्रदर्शनी में ट्रस्ट के कर्मचारियों, पर्यटकों तथा स्थानीय चित्रकारों ने भाग लिया। शनिवार को पहले दिन जहां स्थानीय लोगों ने आत्मा राम की प्रसिद्ध पेंटिंग को नजदीक से निहारा वहीं देशी-विदेशी सैलानियों ने भी इस शानदार प्रदर्शनी को देखकर खूब सराहा।

Related posts