यहां देवता को चढ़ते हैं सोने के घोड़े

काईस (कुल्लू)। पुरातन गांव मलाणा में पांच दिवसीय शाउण मेले का आगाज हो गया। यहां जम्दाग्नि ऋषि को मन्नतें पूरी होने पर सोने के घोड़े भेंट स्वरूप चढ़ाए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं में जम्दाग्नि ऋषि के प्रति अटूट आस्था है। बारह देउघरा के हजारों हारियानों सहित श्रद्धालुओं ने पुरातन गांव मलाणा में डेरा जमा रखा है। इन दिनों इंद्रदेव भी रिमझिम फुहारें लेकर धरती पर आ चुके हैं। पुरातन गांव में भारी बारिश के बीच जम्दाग्नि ऋषि का आशीर्वाद पाने के लिए भक्त पहुंच रहे हैं।
मेले का शुभारंभ 15 अगस्त को शाम पांच बजे हुआ है। देवता जम्दाग्नि ऋषि नरसिंगों पर सवार होकर मुख्य कारकरिदों के साथ अपने देवालय से बाहर निकले। उनके निकलते ही मलाणा गांव ऋषि के जय जयकारों से गूंज उठा। इसके बाद भक्तों ने मन्नतें पूरी होने पर सोने के घोड़े उन्हें भेंट स्वरूप चढ़ाए। पुजारी और गूर ने सरसों और चावल के दाने देकर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया। देवता जम्दाग्नि ऋषि के कारदार शुकरू राम और मुख्य कारकरिदें मोती राम तथा बुध राम ने बताया कि मेला पांच दिन तक चलेगा। मेले में देवता के हरिपुर, जगतसुख, नग्गर, जाणा, तांदला, रसोल, कटागडा तथा छलाल इत्यादि क्षेत्रों के हारियानों ने भाग लिया।

Related posts