
थानाकलां (ऊना)। धौम्येश्वर महादेव मंदिर सदाशिव में श्रावण मास की तीसरी संध्या पर जालंधर के समाज सेवी रमेश शर्मा ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। उन्होंने मंदिर में परिवार सहित पूजा अर्चना की। रमेश शर्मा ने ज्योति प्रवजलित करके श्रावण मास की तीसरी संध्या का आगाज किया। रात्रि नौ बजे तक ध्यूंसर मंदिर के पंडाल में हजारों की तादाद में श्रद्धालु करनैल राणा की झलक पाने के लिए बैठे हुए थे। करीब नौ बजे पंडित अमरनाथ ने गणेश वंदना के साथ जागरण का आगाज किया। 11 बजे गायक करनैल राणा पहुंचे। मंदिर कमेटी के प्रधान प्रवीण शर्मा ने राणा को पगड़ी एवं सरोपा पहनाकर सम्मानित किया। करनैल राणा ने जैसे ही मेरा शिव बड़ा मस्त मलंग अड़यों गाना शुरू किया तो पर पूरा पंडाल नाचने पर मजबूर हो गया। करनैल राणा ने मेरे भोले चले कैलाश रस दिया बूदां, धूडू नचया जटा ओ खलारी हो, हुण बो कताई जो नसदा धूडूआ, शिव कैलाशों के वासी, मनमोहणया बालक नाथा, निदरैं पारे पारे, शिव विवाह, कांगड़े दा टिला, चंबे पतने दो बेडिया, घोटा-घोटा मेरे शिवा ने ला लेया घोटा, भांग तेरी शिनाथ घोटी न जाए एवं माता की भेंटों पर श्रद्धालुओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। रात बारह बजे से ही शिवलिंग पर जल अर्पण करने के लिए श्रद्धालु कतारबद्ध खड़े हो गए, जो सोमवार बाद दोपहर तक उसी तरह की भीड़ देखने को मिली। इस मौके पर मंदिर कमेटी के उपप्रधान मेजर रिटायर्ड रघुवीर सिंह, प्रवक्ता रमेश शास्त्री, महामंत्री प्रकाश चंद, कोषाध्यक्ष किशनदेव, सलाहकार सोहन लाल, अशोक कुमार, राजू, सुनील शर्मा, अमर सिंह, रीता देवी व विमला देवी के अलावा मंदिर कमेटी के सदस्य एवं हजारों की तादाद में श्रद्धालु मौजूद थे।
