
नई दिल्ली। मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के इस्तीफे की मांग को लेकर अब भाजपा आक्रामक हो गई है। मांगों को लेकर भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने उपराज्यपाल नजीब जंग से मुलाकात की और ज्ञापन सौंपा। इसमें नैतिकता के आधार पर मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग की गई है। साथ ही दिल्ली में जगह-जगह लगे सरकारी विज्ञापनों को हटाने की मांग की है। इसके पूर्व भाजपा नेताओं ने विधानसभा से राज निवास मार्ग तक विरोध मार्च भी निकाला।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विजय गोयल ने कहा कि पूरा सरकारी महकमा मुख्यमंत्री को बचाने में जुटा है। अदालत ने एफआईआर दर्ज करने के आदेश की प्रति न तो दिल्ली पुलिस को और न ही भाजपा को मिली। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को पद पर बने रहना लोकतंत्र के खिलाफ है। उनका इस्तीफा देने से इंकार करना संविधान से धोखा करना है। विधानसभा नेता प्रतिपक्ष प्रोफेसर विजय कुमार मल्होत्रा ने कहा कांग्रेस सरकार को जनधन का दुरुपयोग करने की आदत पड़ गई है। जनधन का दुरुपयोग करने के लिए मुख्यमंत्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए गए है। 2008 के चुनाव अभियान में आम जनता का पैसा खर्च किया ही गया 2013 के चुनाव में भी बदस्तूर खर्च किया जा रहा है। मुख्यमंत्री को पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है। विरोध मार्च में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, विधायक, पार्षद, प्रदेश पदाधिकारी समेत कई नेताओं ने शिरकत किया।
