
काहिराः मिस्र की नील नदी के डेल्टा क्षेत्र दकाल्यिा में मंगलवार को सुरक्षा विभाग की एक इमारत में कार बम विस्फोट हुआ जिसमें 12 पुलिसकर्मियों सहित 14 लोग मारे गए और 140 से अधिक घायल हो गए।
पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी का तख्ता पलट किए जाने के बाद इसे सबसे बडा हादसा बताया जा रहा है। सेना के समर्थन से चल रही सरकार का कहना है कि इस तरह के हमलों से सरकार को चलाने में कोई कठिनाई नहीं आएगी। एक सुरक्षा सूत्र ने बताया यह बड़ा विस्फोट था। इससे सुरक्षा विभाग की इमारत का कुछ हिस्सा ध्वस्त हो गया है। मृतकों और घायलों की संख्या और बढऩे की आशंका है।
एक अन्य सुरक्षा सूत्र ने बताया कि यह कार बम विस्फोट था जिसमें पूरे क्षेत्र में अफरातफरी मच गई। स्थानीय मीडिया का कहना है कि घटनास्थल पर खून फैला पडा है और शवों के टुकडे बिखरे हुए थे। स्थानीय मीडिया ने 14 लोगों के मरने तथा सौ से ज्यादा के घायल होने की खबर दी है। टेलीविजन चैनलों के मुताबिक मरने वालों में दो वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी भी शामिल हैं।
हमले के कुछ ही देर बाद नाइल न्यूज ने अपना कार्यक्रम बीच में रोककर लोगों से अस्पतालों में जाकर रक्तदान करने की अपील की। इसे शहर के इतिहास में सबसे बड़ा हमला बताया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि प्राथमिक जांच के अनुसार यह ज्ञात होता है कि यह कार बम विस्फोट हो सकता है।
