
ऊना। प्राथमिक स्कूलों में मिड डे मील योजना पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। योजना को चलाए रखने के लिए शिक्षकों को अपनी जेबों से ही पैसे खर्च करने को मजबूर होना पड़ रहा है। महंगाई के दौर में हर खाद्य वस्तुओं के दाम आसमान छू रहे हैं। लेकिन विभाग की ओर से मिड डे मील योजना के बजट में बदलाव नहीं किया गया है।
मिड डे मील के लिए कुकिंग कास्ट मात्र तीन रुपये 34 पैसे प्रति छात्र मिलती है। इसी में ही शिक्षकों को अन्य राशन भी लेना होता है। सिलेंडर 380 से 450 रुपये तक मिलता था, तब कुकिंग कास्ट तीन रुपये 11 पैसे थी। लेकिन अब बाजार में हर वस्तु का मूल्य लगभग 25 से 50 प्रतिशत तक बढ़ गया है और सिलेंडर अब 1000 रुपये से 1100 रुपये में मिल रहा है। इसके चलते मिड डे मील योजना को चलाना शिक्षकों के बस के बाहर होता जा रहा है। शिक्षकों का कहना है कि ऐसी स्थिति में मिड डे मील योजना उनके लिए परेशानी का कारण बन रही है।
प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष विनय शर्मा एवं जिला प्रवक्ता प्रवक्ता महेश शारदा का कहना है कि शिक्षकों ने जेबों से हजारों रुपये खर्च कर सरकार की योजना को किसी भी तरह चलाए रखा। इससे उनके घरेलू बजट तक गड़बड़ा चुके हैं। उन्होंने कहा कि महंगाई के दौर में योजना को चलाना कठिन है। कहा कि सितंबर 2012 से कीमतों में बढ़ोतरी हो गई है। लेकिन बजट बढ़ाने का प्रावधान कोई नहीं। उन्होंने मांग की है कि विभाग इस ओर विशेष ध्यान देकर बजट में बढ़ोतरी करनी चाहिए।
क्या कहते हैं अधिकारी
उच्च शिक्षा उपनिदेशक आरसी टबयाल और प्रारंभिक शिक्षा उप निदेशक निर्मल रानी ने कहा कि उच्च अधिकारियों की बैठक में मामले को उठाया जाएगा।
यह है डाइट चार्ट
सब्जी-60 ग्राम, दाल-30 ग्राम, प्याज 10 ग्राम, आलू-15 ग्राम, नमक-अढ़ाई ग्राम, घी-5 ग्राम, चीनी-40 ग्राम, न्यूट्रीन-5 ग्राम, ड्राई फ्रूट 6 ग्राम। इसकी प्रति छात्र 3.34 रुपये डाइट निधारित की गई है।
