मां से नहीं मिल सके कर्ण और दिनेश

सलूणी चंबा। हलूरी-कुठेड़-कंधवारा मार्ग पर हुए जीप हादसे से डियूर इलाके में मातम छा गया है। इस हादसे से बिखरे परिवारों का दुख देखकर पूरा इलाका स्तब्ध है। पोरखी राम के दोनों बेटे स्कूल में तीन दिन की छुट्टी होने के कारण पिता के साथ अपनी मां के पास मराड़ी धार स्थित अधवार (अस्थायी घर) के लिए जा रहे थे। बच्चों को क्या मालूम था कि उनकी जिंदगी का यह आखिरी सफर उन्हें मां से भी नहीं मिलने देगा। पोरखी राम निवासी ढक्की के घर में मृतकों को अग्नि देने के लिए भी कोई नहीं बचा है। इस हादसे में पोरखी राम समेत उसके दो बेटे कर्ण और दिनेश की जान चली गई है। पोरखी राम को उसके भाई नेक राम ने मुखागिभन दी। इसके अलावा उसके बेटे कर्ण और दिनेश को उनके चचेरे भाई संजीव कुमार ने मुखागिभन दी। पोरखी राम व उसके बेटों की मौत के बाद घर की सारी जिम्मेदारी पोरखी राम की बड़ी बेटी अंजू देवी आयु 18 वर्ष पर आ गई है। अंजू ने हाल ही में जमा दो की परीक्षा उत्तीर्ण की है। इसके बाद वह घर में ही थी अब अपनी मां व अपना पेट पालने की सारी जिम्मेदारी उसके ऊपर है। दूसरी और हादसे में मारे गए धारू राम निवासी गरोण अपने चार छोटे-छोटे बच्चों को पीछे छोड़ गए हैं। उसका छोटा बेटा तीन वर्ष का है, जबकि उसकी तीन लड़किया हैं। लड़कियों की आयु भी सात, नौ और 11 साल है। इस दुर्घटना से धारू की पत्नी सूमा पर दुखों का पहाड़ टूटा है। शुक्रवार को डियूर केंची मोड़ा के पास पांच लाशें एक साथ जलीं। इसमें पोरखी राम व उसके दो बेटों तथा धारू राम व नारो देवी की लाशें एक साथ जलाई गईं।

Related posts