मांगें मनवाने को सड़क पर उतरी सीटू

हमीरपुर। भारतीय ट्रेड यूनियन की राज्य इकाई के आह्वान पर सीटू ने बुधवार को हमीरपुर शहर में धरना प्रदर्शन किया और मजदूर वर्ग के शोषण को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान सीटू कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली और मांगों को पूरा करने की मांग उठाई। सीटू ने महंगाई के विरोध, श्रम कानूनों को लागू करवाने, न्यूनतम मानदेय 10 हजार करवाने, श्रमिकों को पेंशन और अन्य सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं मुहैया करवाने सहित कई मांगें उठाई। सीटू के जिला सचिव प्रताप राणा ने कहा कि सरकार की नव उदारवादी नीतियों से महंगाई चरम सीमा पर पहुंच गई है। खाद्य वस्तुएं आम आदमी की पहुंच से बाहर होती जा रही हैं। बेरोजगारी बढ़ रही है, लेकिन सरकार कारपोरेट घरानों को भरने में लगी हुई है। आम जनता का पैसा लुटाया जा रहा है। श्रम कानूनों को ठेंगा दिखाया जा रहा है। देश के प्राकृतिक संसाधनों को निजी हाथों में दिया जा रहा है। सरकारी मुनाफे के उपक्रमों को भी धीरे-धीरे निजी हाथों में सौंपा जा रहा है। ऐसे में देश में खरबपतियों की संख्या बढ़ रही है। इससे देश की 77 फीसदी जनसंख्या प्रभावित हो रही है। धरना प्रदर्शन में आंगनबाड़ी वर्करों, अंशकालीन वर्करों, मिड डे मील वर्कर और वाटर गार्डज ने भाग लिया। वर्करों ने ट्रेड यूनियनों का पंजीकरण 45 दिन के भीतर करने की मांग उठाई। वहीं, मनरेगा में न्यूनतम मजदूरी 200 रुपये और 200 दिन का काम देने, एक पद एक वेतन आदि की मांग उठाई। धरना प्रदर्शन में धर्म सिंह, प्रताप राण, जोगेंद्र कुमार, अनिल मनकोटिया, जसवीर, कपिल, अंजना, धर्मसिंह, सुशील, रतन, कौशल्या, राजकुमारी, मीना, सरोज, वंदना, सीमा देवी, विजय लक्ष्मी, कपिल बन्याल, संदला, अनु कुमारी, अशोक कुमार आदि मौजूद रहे

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