महिला दिवस पर शिक्षकों पर तीन बार लाठीचार्ज, आठ घायल, दो ने नहर में लगाई छलांग

पटियाला
महिला शिक्षकों पर लाठीचार्ज
सीएम सिटी में महिला दिवस पर बेरोजगार महिला अध्यापकों को उस समय बड़ा तोहफा मिला, जब उन पर पुलिस ने लाठियां बरसाईं गईं। यही नहीं, उन्हें गिरफ्तार तक किया गया। महिला दिवस के दिन पुलिस ने महिला अध्यापकों पर तीन बार लाठीचार्ज किया। इसमें आठ लोग घायल हो गए, वहीं दो ने नहर में छलांग लगा दी।

पंजाब के पटियाला में नौकरियों की मांग को लेकर बेरोजगार ईटीटी टेट पास अध्यापक मुख्यमंत्री के मोती महल को घेरने के लिए निकले। लेकिन उन्होंने रोकने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इस दौरान आठ लोग घायल हो गए, जबकि 15 बेरोजगार अध्यापकों को पुलिस गिरफ्तार करके ले गई।

इसी बीच भड़के दो बेरोजगार अध्यापकों ने शाम को पसियाना पुल से भाखड़ा नहर में छलांग लगा दी। हालांकि मौके पर ही गोताखोरों ने कूद कर दोनों की जानें बचा लीं। खबर लिखे जाने तक बेरोजगार अध्यापक मोती महल के नजदीक वाईपीएस चौक पर डटे थे, जहां इन्हें रोकने के लिए लगे बैरिकेड पर भारी पुलिस फोर्स तैनात थी।

टीचरों को रोकने को नेहरू पार्क की घेराबंदी

तय कार्यक्रम के मुताबिक रविवार दोपहर करीब 12 बजे बेरोजगार ईटीटी टैट पास अध्यापक बस स्टैंड के नजदीक नेहरू पार्क में इकट्ठा हुए। वहां से इन्होंने सीएम के मोती महल के घेराव के लिए कूच करना था लेकिन इससे पहले दोपहर 1 बजे पुलिस ने नेहरू पार्क की चारों तरफ से घेराबंदी कर दी, ताकि आंदोलनकारी बाहर न निकल सकें। बेरोजगार अध्यापक नहीं माने और तारों को लांघ कर मोती महल की तरफ बढ़ने लगे। किया। इस दौरान आंदोलनकारियों की पुलिस के साथ धक्का-मुक्की भी हुई।

रास्ते में बैरिकेडिंग देख अध्यापकों ने रास्ते बदले
पुलिस ने रास्ते में फव्वारा चौक और फिर बुड्डा दल स्कूल के पास बेरोजगारों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग कर रखी थी, लेकिन टीचरों ने पहले ही रास्ता बदल लिया और वाईपीएस चौक तक पहुंच गए।

दो बजे हुआ पहला लाठीचार्ज
वाईपीएस चौक पर भारी पुलिस फोर्स मौजूद थी और बड़ा बैरिकेड लगा था। दोपहर करीब दो बजे जब आंदोलनकारियों ने इस बैरिकेड को तोड़कर आगे बढ़ना चाहा, तो पुलिस ने पहली बार लाठीचार्ज किया। इस दौरान कई आंदोलनकारियों को चोटें लगीं। बठिंडा के लवदीप, रसप्रीत सिंह व बेअंत सिंह की पगड़ियां उतर गईं। प्रदेश प्रधान दीपक कंबोज समेत छह लोगों को पुलिस गिरफ्तार करके ले गई।

तीन बजे दूसरी बार और साढ़े पांच बजे तीसरी बार चली लाठियां

भड़के आंदोलनकारियों ने बाद दोपहर तीन बजे फिर मोती महल की तरफ जाने की कोशिश की। धक्का-मुक्की के बाद पुलिस ने करीब तीन बजे उन पर दोबारा लाठीचार्ज कर दिया। इस बार छह लोगों को फिर गिरफ्तार किया। शाम साढ़े पांच बजे जब पसियाना पुल से मानसा के गुरविंदर व फुलवाग सिंह ने भाखड़ा नहर में छलांग लगाई तो आंदोलनकारियों ने वाईपीएस चौक पर फिर से आगे बढ़ने की कोशिश की।

इस पर करीब शाम साढ़े पांच बजे पुलिस ने दोबारा लाठीचार्ज कर दिया। हालांकि भाखड़ा में कूदे दोनों युवकों को तुरंत बचा लिया गया। पुलिस के लाठीचार्ज में मानसा के अमनदीप सिंह की टांग फ्रेक्चर हो गई। इसके अलावा गुरप्रीत राम अरनेटू, केशव कुमार, देसराज जालंधर, मानसा के बेअंत समेत आठ लोग घायल हो गए। सभी को सरकारी राजिंदरा अस्पताल में दाखिल कराया गया है।

वहीं प्रदेश प्रधान दीपक कंबोज, संगरूर के मनी, सुखचैन सिंह, नीलम, मनी और प्रीत समेत 15 को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। देर शाम आप के नेता हरपाल सिंह चीमा घायलों का हाल जानने राजिंदरा अस्पताल पहुंचे और उन्होंने इस मौके सरकार को इस मुद्दे पर घेरा। वहीं बेरोजगार अध्यापकों का धरना भी जारी था।

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