
शिमला। राज्य महिला आयोग ने कोर्ट लगाकर शिमला के मामलों की सुनवाई की। सभी मामले मियां-बीवी के बीच अनबन के रहे। महिला आयोग पहुंची शिमला की एक महिला ने अपने पति पर आरोप लगाया कि वह मुझे और मेरे दो बच्चों को खर्चा नहीं देते। तलाक के लिए मुझे मुझ पर दबाव डाला जाता है। मेरा पति दूसरी शादी करना चाहता है। पति के माता पिता भी साथ मिले हुए हैं। महिला आयोग की ओर से अगले कोर्ट में युवक के माता-पिता को बुलाने का फैसला लिया गया। इस मामले को कोर्ट भेजने का निर्णय लिया गया।
मेरे बाप ने शादीशुदा से शादी करवा दी फिर खुद भी दूसरा ब्याह रचाया
मेरे पिता ने मेरी शादी जबरदस्ती एक ऐसे आदमी से करवा दी जो पहले से शादीशुदा था। उसके बाद मेरे पिता ने भी दूसरी शादी कर ली। मेरी चिंता किसी को भी नहीं है। पति शराब पीकर मारपीट करता है। मैं अपने बच्चे के साथ दूसरी जगह किराये का कमरा लेकर रह रही हूं। वह वहां भी मारपीट करने पहुंच जाता है। जब मैं पति के साथ घर जाकर रहती हूं तो आधी रात को नशे में आकर घर से बाहर निकाल देता है। महिला आयोग ने पति को कोर्ट में बुलाने का फैसला लिया।
मेरी शादी से 15 दिन पहले एक और विवाह
मेरी शादी के 15 दिन पहले ही मेरे पति ने किसी और से शादी कर ली थी। शादी के बाद कुछ समय तक पति ठीक रहा लेकिन उसके बाद घर से वह गायब रहने लगा। मैंने छह बार एफआईआर करवाई। शिमला एसपी से भी मिली लेकिन वहां मेरा जबरदस्ती समझौता करवा दिया जाता है। मेरी मदद कोई नहीं करता। निर्णय लिया गया कि महिला आयोग एसपी को पत्र लिखेगा। अगले कोर्ट में महिला के पति को बुलाने का फैसला लिया गया।
मेरे मम्मी डैडी से बात नहीं करने देता है पति
एक महिला ने आरोप लगाया कि मेरे पति मेरे माता-पिता की इज्जत नहीं करते। मुझे मेरे माता पिता से फोन पर बात भी नहीं करने देते। पति का कहना है कि एक बार पत्नी घर चल पड़े। अब ऐसा कुछ नहीं होगा। महिला आयोग ने पति-पत्नी में समझौता करवा दिया है।
