महाराजा कोठी में नहीं रहेगी पानी की कमी

काईस (कुल्लू)। महाराजा कोठी की करीब पांच हजार आबादी को अब पानी की कमी नहीं रहेगी। आईपीएच विभाग ने इसके लिए प्रयास तेज कर दिए हैं। पेयजल स्रोत सूखने से चिंतित विभाग अब नदी-नालों के तटों पर भी पेयजल योजनाएं बनाकर पानी की किल्लत दूर करेगा। आईपीएच शमशी के तहत आने वाले बदाह, सिंधी, राजगिरी और मौहल पेयजल योजना को अमलीजामा पहनाने की कवायद तेज हो गई है। बदाह, सिंधी और राजगिरी पेयजल योजना पर एक करोड़ 23 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। मौहल पेयजल योजना 86 लाख 26 हजार रुपये की लागत से बनाई जाएगी। बदाह, सिंधी और राजगिरी पेयजल योजना को नाबार्ड से मंजूरी मिल गई है। मौहल पेयजल योजना के सिरे चढ़ने से बदाह, सिंधी, राजगिरी, भुलंग, मौहल, नरेणी, पिरड़ी तथा छारशू गांवों के हजारों लोगों को फायदा पहुंचेगा। आईपीएच शमशी के सहायक अभियंता राकेश ठाकुर ने बताया कि लोगों को पीने के पानी की समस्या न हो, इसे देखते हुए विभाग योजनाओं का निर्माण कर रहा है। विभाग पाहनाला से सिंधी और अन्य कई इलाकों को पानी की पाइपें बिछा रहा है तथा मौहल पेयजल योजना को ट्यूबवेल खोद कर पानी की सप्लाई दी जा रही है। उन्होंने कहा कि इससे लोगों को पानी की समस्या नहीं रहेगी।

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