मस्टररोल में मजदूर, मौके पर मशीन!

ऊना। जिला की कई पंचायतों में मनरेगा के अंतर्गत हो रहे कार्यों में धांधलियाें के मामले सामने आ रहे हैं। कहीं पंचायत प्रतिनिधि मनरेगा की दिहाड़ी पर कुंडली मारे बैठे हैं। तो कहीं मनरेगा का काम हाथों के बजाए मशीनों से भी हो रहा है।
हैरानी वाली बात यह है कि काम मशीन से करवाने के बाद मस्टररोल फार्म में मजदूरों के नाम भरकर राशि की निकासी हो रही है। विभाग के पास ऐसी भी कई शिकायतें हैं जिनके तहत मजदूरों को लंबे समय से दिहाड़ी ही नहीं मिली है। पंचायती राज विभाग में जिला की 235 ग्राम पंचायतों में से अब तक 100 से अधिक शिकायतें पहुंच चुकी हैं। इनमें बड़े स्तर पर पंचायत प्रतिनिधियों पर धांधलियों के आरोप लगे हैं। जिला में लगभग ढाई दर्जन पंचायतों के प्रधानों सहित अन्य प्रतिनिधि सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोपों सेे घिरे हैं। इसके अलावा बीपीएल चयन प्रक्रिया में पात्रों की जगह साधन संपन्न लोगों को लाभ देने के आरोप भी प्रतिनिधियों पर लगे हैं। ग्रामीण विकास में अहम मानी जाने वाली पंचायती राज संस्थाओं में बड़े स्तर पर अनियमितताएं बरती जा रही हैं। लेकिन इसके बावजूद अभी तक शिकायतों का आना बदस्तूर जारी है। ऐसे में ग्रामीण विकास के लिए जारी होने वाले करोड़ों रुपये की राशि के सही प्रयोग पर भी सवालिया निशान लग गया है। हाल ही सिध चलेहड़ में पंचायत एवं उसके पति पर 45 पाइपों के गबन करने के आरोप लगे हैं, जिसकी विजिलेंस ने जांच जारी है।

क्या कहती हैं पंचायत अधिकारी
उधर, जिला पंचायत अधिकारी कुसुम शर्मा ने भी माना कि पंचायतों में अनियमितताएं बरते जाने की शिकायतें आई हैं। उन्होंने बताया कि कई शिकायतों का निपटारा भी कर दिया गया है।

Related posts