मलाणा, गिरिपार को एसटी दर्जा दिलाएंगे

केलांग/कुल्लू। हिमाचल के दो अति पिछड़े इलाकों को जनजातीय क्षेत्र का दर्जा देने की तैयारी चल रही है। इसके लिए राष्ट्रीय अनुसूचित जनजातीय आयोग ने कसरत शुरू कर दी है। प्रदेश के मलाणा और गिरिपार क्षेत्र को अनुसूचित जनजातीय कोटे में लाने के लिए पहल शुरू कर दी है। आयोग के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं विधायक लाहौल-स्पीति रवि ठाकुर ने कुल्लू में पत्रकारों से बातचीत में इसका खुलासा किया है। रवि ठाकुर के मुताबिक कुल्लू के मलाणा और सिरमौर के गिरिपार क्षेत्रों का आयोग जल्द ही आर्थिक, सामाजिक और भौगोलिक सर्वेक्षण करेगा। उनके मुताबिक दोनों क्षेत्रों को जनजातीय क्षेत्र का दर्जा देने के लिए आयोग व्यापक स्तर पर समय के साथ शोध करेगा। उन्होंने कहा कि यदि आयोग के मानकों में दोनों क्षेत्र खरे उतरते हैं तो आयोग एसटी दर्जा देने की केंद्र सरकार से सिफारिश करेगा। रवि ठाकुर के मुताबिक वर्तमान में देश में करीब साढे़ सोलह करोड़ जनजातीय हैं। उनके मुताबिक अगले साल आयोग और केंद्र सरकार की एक विशेष टीम दोनों क्षेत्रों का दौरा करते हुए यहां सर्वेक्षण काम शुरू करेगी। रवि ठाकुर ने बताया कि भौगोलिक और आर्थिक लिहाज से प्रदेश के यह दोनों क्षेत्र अभी भी पिछड़े हुए हैं। दोनों क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं की कमी के कारण लोगों का जीवन स्तर संतोषजनक नहीं है। सर्वे के बाद जो भी तथ्य और आंकड़े सामने आएंगे इसकी विस्तृत रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपी जाएगी। रवि ठाकुर ने कहा कि हिमालयन क्षेत्रों में करीब सोलह लाख आबादी भोटी भाषा को लिखित और बोलचाल के दौर पर प्रयोग में ला रही है। उन्होंने कहा कि भोटी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने के लिए प्रयास भी किए जाएंगे।

Related posts