
ऊना। मनरेगा के तहत जिला में पिछले वर्ष 18 करोड़ रुपये खर्च किए गए। यह जानकारी उपायुक्त अभिषेक जैन ने जिला ग्रामीण विकास अभिकरण की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। उन्होंने बताया कि इस अवधि के दौरान मनरेगा से जुड़े विभागों की ओर से 2 करोड़ 28 लाख रुपये खर्च किए गए तथा 406 निर्माण कार्यों में से 160 कार्य पूर्ण किए गए, जबकि 246 कार्य प्रगति पर हैं। जिला में चालू वित्त वर्ष के दौरान मनरेगा के तहत विभिन्न विकास कार्यों पर 1 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
डीसी ने बताया कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, इंदिरा आवास योजना के लाभार्थियों, छोटे एवं सीमांत कृषकों के व्यक्तिगत कार्यों जिनमें सिंचाई की सुविधा, भूमि विकास, तालाबों का निर्माण, बागवानी, वृक्षारोपण, खेेतों की मेढ़बंदी, बर्मी कम्पोस्ट, तरल जैव खाद, मुर्गी पालन शेल्टर, पशु संबंधी, ग्रामीण पेयजल तथा स्वच्छता संबंधी कार्य मनरेगा के तहत किए जा सकते हैं जिनमें 85 प्रतिशत श्रम तथा 15 प्रतिशत निर्माण सामग्री का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि सामुदायिक कार्यों में खेल मैदानों को विकसित करना, स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में शौचालयों के निर्माण के लिए भी 85-15 का अनुपात निर्धारित किया गया है।
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह जिले में जल संरक्षण एवं संग्रहण, सूखे को रोकने के लिए पौधारोपण एवं वनीकरण, लघु सिंचाई योजनाओं, बाढ़ नियंत्रण कार्यों तथा परंपरागत जल स्रोतों के रखरखाव को प्राथमिकता दें। मनरेगा के तहत वर्ष 2014-15 की वार्षिक योजनाएं तैयार करने के लिए आगामी 15 अगस्त को आयोजित की जा रही ग्राम सभाओं की बैठकों को सफल बनाने के लिए अधिकारी भरसक प्रयास करें तथा लोगों को इस बारे जागरूक करें।
उन्होंने कहा कि इन सभाओं में प्रत्येक विभाग का कर्मी उपस्थित रहेगा ताकि वे अपने विभाग से संबंधित कार्यों की शेल्फ आकलन सहित अनुमोदित करवा सकें। उन्होंने खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे ग्राम सभाओं की बैठकों के सफल आयोजन के लिए प्रभावी कदम उठाएं तथा जॉब कार्ड धारकों को 15 दिन के भीतर मस्ट्रोल जारी करें अन्यथा उन्हें बेरोजगारी भत्ता प्रदान करें। इस मौके पर परियोजना अधिकारी चेतना खडवाल, सहायक परियोजना अधिकारी एनके शर्मा, एसएस कुटलैहड़िया सहित अन्य लोग भी मौजूद थे।
