
हमीरपुर। चालू वित्त वर्ष में मनरेगा के तहत 32 करोड़ की राशि व्यय करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पिछले वर्ष 26 करोड़ की राशि व्यय की गई थी। मनरेगा योजना में पीडब्ल्यूडी, वन विभाग, उद्यान, कृषि, सेरीकल्चर तथा आईपीएच विभाग को भी शामिल किया गया है। अतिरिक्त उपायुक्त हिमांशु शेखर चौधरी डीआरडीए सभागार में ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि मनरेगा के तहत पंचायत स्तर पर विजिलेंस कमेटियां गठित करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे कार्यों की नियमित रूप से मानिटरिंग की जा सके। हमीरपुर की पंचायतों को साफ और स्वच्छ बनाने के लिए ठोस तरल कूड़ा कचरा प्रबंधन के लिए विशेष प्लान तैयार किया गया है। प्रारंभिक तौर पर मनरेगा एवं निर्मल भारत अभियान के तहत जिला की तीस पंचायतों में ठोस तरल कूड़ा कचरा प्रबंधन के लिए कार्य योजना तैयार की जा रही है। ग्रामीण विकास विभाग पंद्रह दिन के भीतर सभी विकास खंडों में कार्यशालाएं भी आयोजित करेगा। मनरेगा के कार्यान्वयन में हमीरपुर जिला प्रदेश के अग्रणी जिलों में शामिल रहा है। उपनिदेशक डीआरडीए राकेश शर्मा ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए ग्रामीण विभाग की उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी।
