
आनी (कुल्लू)। उपमंडल मुख्यालय आनी में मंगलवार को मनाली चाइल्ड लाइन की टीम द्वारा बाल मजदूरी से छुड़वाए गए दो बच्चों को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के समक्ष पेश किया गया। जहां से दोनों को कुल्लू के कलैहली स्थित बाल आश्रम भेज दिया गया है। यहां दोनों बच्चों के रहने और ठहरने की उचित व्यवस्था की जाएगी। जांच में पता चला है कि एक बच्चे को अपने माता-पिता के बारे में कोई जानकारी नहीं है। जबकि, दूसरे बच्चे के माता-पिता से बात नहीं हो पाई।
चाइल्ड वेलफेयर कमेटी कुल्लू के सदस्य धनीराम ठाकुर ने बताया कि बालश्रम (प्रतिबंधन एवं अधिनियम)1986 के तहत 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से बाल मजदूरी करवाने वाले को सजा और जुर्माने का प्रावधान है। जबकि, किशोर न्याय अधिनियम 2000 (संशोधित 2006) 18 वर्ष से कम उम्र के किशोर बच्चों से किसी भी प्रकार का श्रम करवाना भी कानूनन जुर्म है। उन्होंने बताया कि एक बच्चा नेपाली मूल का है, जिसकी मां उसे छोड़ कर भाग गई है। जबकि, बाप का कोई पता नहीं है। जबकि दूसरे बच्चे के माता-पिता से संपर्क न होने के कारण दोनों बच्चों को बाल आश्रम कलैहली भेज दिया गया है। जब तक दोनों बच्चों के माता-पिता के बारे में पूरी छानबीन नहीं कर ली जाती तब तक दोनों बच्चों की पूरी देखभाल और पढ़ाई बाल आश्रम के माध्यम से ही होगी।
एसएचओ आनी राजकुमार ने बताया कि पुलिस ने दोनों होटल वालों के खिलाफ बालश्रम (प्रतिबंधन एवं अधिनियम)1986 और किशोर न्याय अधिनियम 2000 (संशोधित 2006) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
