मंदिर ट्रस्ट के फैसले पर जनप्रतिनिधि क्षुब्ध

मुबारिकपुर (ऊना)। उत्तर भारत के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल छिन्नमस्तिका धाम चिंतपूर्णी के श्रावण अष्टमी नवरात्रों में लंगर लगाने के एवज में कोई फीस न लेने के मंदिर ट्रस्ट के निर्णय ने गगरेट से भरवाईं तक पड़ने वाली पंचायतों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पंचायतों की लंगर फीस बंद करने के बारे में ग्राम पंचायत प्रधान मुबारिकपुर ठाकुर पूर्ण सिंह, प्रधान सिद्ध चलेहड़ रवीना बीबी व प्रधान अप्पर लोहारा दर्शन सिंह ने कहा कि छिन्नमस्तिका धाम में श्रावण अष्टमी नवरात्रों में लंगर स्थलों के अलावा सड़क के दोनों ओर एवं गांवों को जाने वाले रास्तों में भारी गंदगी रहती है। इस गंदगी की सफाई पंचायतें लंगर फीस से करवाती हैं। ठाकुर पूर्ण सिंह ने कहा कि मुबारिकपुर गांव से मुबारिकपुर बाजार तक लंगर फीस की आमदनी से बारह माह सफाई कर्मचारी रखा गया है। उन्होंने कहा कि लंगर संस्थाएं लंगर स्थली की सफाई भी नहीं करती हैं। रवीना बीबी का कहना है कि श्रावण अष्टमी नवरात्रों में मंदिर ट्रस्ट ही लंगर लगाने वाली संस्थाओं से सिक्योरटी ले तथा ग्राम पंचायतों में सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि मंदिर ट्रस्ट के पास करोड़ों की चढ़ावे की आमदनी है, जबकि पंचायतों के पास प्रशासन के बिना कोई आय का साधन नहीं है। उन्होंने पंचायतों की लंगर फीस बहाल करने की मांग की है, जिससे श्रावण अष्टमी मेले में सफाई व्यवस्था बनी रहे। उन्होंने कहा यदि मंदिर ट्रस्ट लंगर फीस न लेने के निर्णय पर अडिग रहता है तो मंदिर ट्रस्ट ही श्रावण अष्टमी नवरात्रों में पंचायतों की सफाई व्यवस्था संभाले। इस संबंध में एसडीएम अंब सुखदेव सिंह का कहना है कि श्रावण अष्टमी नवरात्र मेलों में जिन पंचायतों को लंगर फीस माफ करने से सफाई व्यवस्था करवाने में बाधा उत्पन्न हुई है, वे पंचायत प्रधान उपायुक्त या एसडीएम कार्यालयों को अपनी समस्या पंचायत प्रस्ताव में अवगत करवाएं। इससे लंगर फीस माफ करने के बारे में दोबारा विचार किया जा सकता है।

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