
हमीरपुर। मंत्री जी! गाड़ी, पक्के मकान और दुकानदार भी बीपीएल सूची में शामिल कर लिए गए हैं। अपात्र लोग पीडीएस के राशन का लाभ उठा रहे हैं। यह कहना है जिला परिषद और बीडीसी सदस्यों का। मंगलवार को ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिल शर्मा ने हमीर भवन में जिप और बीडीसी सदस्यों के साथ बैठक की। पंचायत नुमाइंदों ने कहा कि जब वे दौरे पर होते हैं तो ग्रामीण ऐसी शिकायतें उनके समक्ष रख रहे हैं। मंत्री ने सदस्यों से मामलों की लिखित शिकायत भेजने का आग्रह किया। प्रतिनिधियों ने पंचायतों में बीपीएल परिवारों के चयन को लेकर धांधली के मामले को भी उठाया। कुछ पंचायतों के उदाहरण भी मंत्री के समक्ष रखे। पटवारियों की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल खड़े किए। सदस्यों ने कहा कि कुछ स्थानों पर 100 कनाल भूमि के मालिक की आय 12 से 15 हजार दर्शाई गई है और 50 कनाल भूमि के मालिक की आय 40 से 50 हजार कर दी है। बैठक में जिप अध्यक्ष सरला, उपाध्यक्ष चंदू लाल, महिला आयोग की सदस्य एवं जिप सदस्य प्रोमिला देवी, जिप सचिव मनोज कुमार, सदस्य यशवीर पटियाल, सुशील सोनी, सहित अन्य सदस्यों के अलावा पंचायत समितियों के अध्यक्ष भी उपस्थित थे।
प्रधान हमें नहीं देते तवज्जो
पंचायत प्रधान जिप और पंचायत समिति सदस्यों को कुछ नहीं समझतेे। उन्हें तवज्जो नहीं देते। सरकार के निर्देशानुसार मनरेगा के तहत सदस्यों ने सेल्फ पंचायतों में भेजे, लेकिन उन्हें अपने स्तर पर ही रिजेक्ट कर दिया गया। ग्राम सभा में नहीं रखा गया। ग्राम सभा की बैठक में जाने, पंचायत घर में जाने पर सहयोग नहीं करते तथा पूछते नहीं हैं। हमीरपुर में पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री अनिल शर्मा के समक्ष जिप, पंचायत समिति के प्रतिनिधियों ने दुखड़ा बयान किया। मंत्री के प्रवास के दौरान प्रतिनिधियों के साथ बैठक निर्धारित की गई ती, जिससे निचले स्तर पर पेश आ रही समस्याओं के बारे में जानकारी हासिल की जा सके। सदस्यों ने कहा कि पंचायत प्रधानों, सचिवों के गलत रवैये के कारण ग्राम सभा में लोगों का विश्वास कम हो रहा है। लोगों की बात नहीं सुनी जाती है।
