
चंडीगढ़
पंजाब विधानसभा के 28 अगस्त को बुलाए गए सत्र में केवल उन्हीं सदस्यों, अफसरों-मुलाजिमों को इमारत में दाखिल होने की अनुमति होगी, जिनके पास 25 से 27 अगस्त के दौरान कराए गए कोरोना टेस्ट की निगेटिव रिपोर्ट होगी। कोविड संकट के बीच माननीयों और विधानसभा अमले की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्पीकर राणा केपी सिंह द्वारा लिए गए फैसले के आधार पर शुक्रवार को विधानसभा की सचिव शशि लखनपाल मिश्र ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव, स्वास्थ्य विभाग के निदेशक और डीसी को पत्र भेजकर मंत्रियों, विधायकों, अधिकारियों व मुलाजिमों के कोरोना टेस्ट कराने की व्यवस्था करने को कहा है।
पत्र में कहा गया है कि यदि विधायक जिले में उपलब्ध नहीं हैं तो उनका कोरोना टेस्ट पंजाब एमएलए हॉस्टल सेक्टर-4 चंडीगढ़ में कैंप लगाकर करवाया जाए और टेस्ट रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए। इसके अलावा विधानसभा स्पीकर के निर्दशानुसार, पंजाब विधानसभा और पंजाब सरकार के अधिकारी-कर्मचारी जो उक्त सत्र के दौरान ड्यूटी पर रहेंगे, का कोरोना टेस्ट भी किया जाए। इसके लिए 25 से 27 अगस्त तक विधानसभा सचिवालय के अहाते में कोरोना टेस्ट करने और रिपोर्ट हासिल करने के लिए विशेष मेडिकल कैंप की व्यवस्था की जाए।
पंजाब विधानसभा का सत्र 28 अगस्त को
विधानसभा के प्रवक्ता ने बताया है कि पंजाब के राज्यपाल द्वारा 15वीं पंजाब विधानसभा को इसके 12वें सत्र के लिए 28 अगस्त को सुबह 11 बजे पंजाब विधानसभा हाल विधान भवन चंडीगढ़ में बुलाया गया है।
